शैलेश सोनी नीलू
जायस/अमेठी। जायस में 7 सफर से 19 सफर तक के सभी बड़े मातमी जुलूस में मुल्क की मशहुर अंजुमन , अंजुमन गुलदस्ते अजा, जायस ने अपने पुरसोज नौहों और सीनाजनी के जरिये ऐसा दर्दभरा मंजर पेश किया कि जुलूस में साथ चलने वाले लोग गम-ए-हुसैन में डूब गये , चेहल्लुम के जुलूसों में अंजुमन गुलदस्ते अजा की सोजो-सलाम से भरपूर पेशकश ने अकीदतमंदों को पूरी तरह से गमजदा कर दिया , नौहाखानी और सीनाजनी कर रहे लोगों की हौसला अफजाई के लिए लोग या हुसैन या हुसैन की सदाएं बुलंद कर रहे थे ।अंजुमन गुलदस्ते अजा जायस के सभी नौहाख्वान वफा हैदर , वहब हसन , शुजा हैदर ,निसार हैदर , शाहिद नकवी, उर्फी , वजाहत आदि ने अपनी दिलकश और दर्दभरी आवाज में ऐसे ऐसे पुरसोज नौहे चेहल्लुम के जुलूसों में पेश किए कि जुलूस में शामिल हर शख्स की आंखें नम हो गईं। नौहों के साथ ही अंजुमन के सभी छोटे बड़े अजादारों ने पूरे अदब और एहतराम के साथ सीना-जनी करके कर्बला के गम को जिंदा कर दिया।चेहल्लुम के जुलूसों में बड़ी तादाद में मौजूद लोगों के अनुसार अंजुमन गुलदस्ते अजा ही जायस की ऐसी पहली अंजुमन है जो हर साल अपनी शानदार नौहाख्वानी, बेहतरीन लय,और अनुशासित मातमी दस्ते के साथ साथ इमाम हुसैन की याद को मखसूस अंदाज में पेश करने के लिए मुल्क भर में जानी जाती है , और यही वजह है कि आज जायस की यह अंजुमन कई जिलों की बड़ी अंजुमनों में शुमार होती है , इस साल भी अंजुमन की बेहतरीन कार करदगी मोहर्रम और चेहल्लुम के जुलूसों का प्रमुख आकर्षण रही , जिसके चलते इमाम हुसैन के हजारों चाहने वाले अजादारों ने अंजुमन की भरपूर तारीफ की , अन्जुमन की तारीफ का यह सिलसिला सिर्फ मुकामी ही नहीं था , बल्कि बाहर के जिन जिन प्रोग्रामों में हिस्सा लिया वहां के जिम्मेदारों ने भी अन्जुमन की दिल खोलकर तारीफ करने के साथ ही अगले साल का दावत नामा भी अभी से दे दिया है ,अंजुमन के तेजतर्रार सेक्रेटरी साकिब नकवी ने बताया कि हमारी अंजुमन गुलदस्ते अजा चाहे मुकामी प्रोग्राम में हो या किसी बाहरी प्रोग्राम में हिस्सा ले उसका इकलौता मकसद यही होता है कि कर्बला के इस दर्दनाक पैगाम को नई पीढ़ी तक पूरे अदब और अकीदत के साथ पहुंचाया जाय । अन्जुमन के सदर जफर हैदर ने समाज के सभी अजादारों और चाहने वालों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि हमारी अंजुमन आप सब की मोहब्बत और मदद से आगे भी इसी जज्बे के साथ पूरी ईमानदारी से खदिमत-ए-अजा करती रहेगी। चेहल्लुम के सभी मातमी जुलूस शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुए , 7 सफर से 19 सफर तक के जुलूस शानदार प्रस्तुति के लिय जायस में इनदिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं ।
