पर्यटन विभाग की उदासीनता पर भी सवाल, करोड़ों रुपये खर्च होने के दावों के बीच मूलभूत रखरखाव की कमी उजागर।
सोनभद्र। जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल इको प्वाइंट पर स्थापित भगवान गणेश जी की प्रतिमा के ऊपर लगी छतरी तेज हवा में उड़ जाने के बाद भी अब तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। इसको लेकर स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से छतरी क्षतिग्रस्त है, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से इसे ठीक कराने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई।
जानकारी के अनुसार, भगवान गणेश जी की प्रतिमा के ऊपर लगी छतरी हिंडालको के सहयोग से स्थापित कराई गई थी। यह प्रतिमा इको प्वाइंट आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रही है। छतरी क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रतिमा का स्वरूप भी प्रभावित हुआ है, जिससे स्थल की सुंदरता पर असर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इको प्वाइंट पर सफाई और रखरखाव के नाम पर समय-समय पर बड़ी धनराशि खर्च किए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति कुछ और ही दिखाई देती है। उनका कहना है कि यदि पर्यटन स्थल के महत्वपूर्ण हिस्सों की नियमित निगरानी और मरम्मत की व्यवस्था होती, तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
गौरतलब है कि इको प्वाइंट जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है और यहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। सोनभद्र खनिज, ऊर्जा और पर्यटन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला जनपद है तथा प्रदेश को उल्लेखनीय राजस्व भी प्रदान करता है। इसके बावजूद पर्यटन स्थलों के रखरखाव में लापरवाही के आरोप लगातार सामने आते रहे हैं।
विशेष बात यह है कि इसी मार्ग से जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक और विभागीय अधिकारी भी नियमित रूप से आवागमन करते हैं। इसके बावजूद क्षतिग्रस्त छतरी की मरम्मत न होना विभागीय कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
स्थानीय नागरिकों ने पर्यटन विभाग और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि इको प्वाइंट पर भगवान गणेश जी की प्रतिमा की छतरी का शीघ्र पुनर्निर्माण कराया जाए तथा पूरे परिसर के रखरखाव, सौंदर्यीकरण और सुविधाओं की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि जिले की पहचान बने इस पर्यटन स्थल की गरिमा बनी रहे।
