पीलीभीत। पीएम पोषण योजना के अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ देने और बढ़े हुए मानदेय को लेकर रविवार को जिला मुख्यालय स्थित गांधी स्टेडियम प्रेक्षागृह में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किए गए प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम का एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सजीव प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री के संबोधन को जिलेभर के रसोइयों ने सुना। प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पिछली सरकारों में रसोइयों की भूमिका और उनके हितों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए भोजन तैयार करने से लेकर उसकी गुणवत्ता, स्वच्छता और बच्चों को पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराने में रसोइयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। जनपद में सजीव प्रसारण कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के गन्ना राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार, विधायक स्वामी प्रवक्तानंद, जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्रा, जिला विद्यालय निरीक्षक विजय सिंह यादव और बेसिक शिक्षा अधिकारी रोशनी सिंह ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
जिले के 1545 परिषदीय विद्यालयों में कुल 4193 रसोइये कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण जिला मुख्यालय के साथ ही सभी तहसील क्षेत्रों में भी एलईडी के माध्यम से कराया गया, जहां बड़ी संख्या में रसोइयों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
गन्ना राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने रसोइयों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले रसोइयों की समस्याओं और उनकी भूमिका पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रसोइयों के मानदेय में वृद्धि करने के साथ ही उन्हें सम्मान देने का काम किया है। अब सरकार उन्हें कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ भी देने जा रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार शिक्षा के साथ-साथ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में विकास कार्यों को गति दे रही है। कानून-व्यवस्था को भी लगातार बेहतर बनाया गया है और प्रदेश में विकास तथा सुशासन का वातावरण कायम किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने रसोइयों को बढ़े हुए मानदेय के प्रतीकात्मक तीन हजार रुपये के चेक तथा कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए। हाथों में बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक और चिकित्सा कार्ड पाकर रसोइयों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस दौरान सरकार की योजनाओं से मिलने वाले लाभ के प्रति रसोइयों में उत्साह दिखाई दिया। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को मध्यान्ह भोजन ग्रहण करने के लिए बर्तन उपलब्ध करा दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोई भी छात्र-छात्रा घर से बर्तन लेकर विद्यालय न आए, इसकी निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सभी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। विधायक स्वामी प्रवक्तानंद ने कहा कि सरकार ने समाज के हर वर्ग के हितों का ध्यान रखा है। शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार और विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी विकास की योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।जिला विद्यालय निरीक्षक विजय सिंह यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों और रसोइयों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश स्पष्ट है कि रसोइये विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के साथ अपने बच्चों जैसा व्यवहार करें और उन्हें स्नेह एवं अपनत्व प्रदान करें।कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख मरौरी सभ्यता देवी वर्मा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में रसोइये मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन दुर्गेश आर्य ने किया।
