पीलीभीत। बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाया है। नगर मजिस्ट्रेट पी.एल. मौर्य की अध्यक्षता में “बालिकाओं की सुरक्षा है सबकी जिम्मेदारी” विषय पर जनपद स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्कूल-कॉलेज, कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी सहित उन सभी स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए, जहां बड़ी संख्या में बालिकाएं आती-जाती हैं।नगर मजिस्ट्रेट ने कहा कि राज्य महिला आयोग के निर्देशों के तहत बालिकाओं की सुरक्षा के लिए शिक्षण संस्थानों में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। कैमरे दिन के साथ-साथ रात में भी चालू रहें, ताकि परिसर और आसपास की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके।
बैठक में सुनसान रास्तों को भी सुरक्षा के लिहाज से गंभीरता से लिया गया। नगर पालिका के आरआई को निर्देश दिए गए कि ऐसे रास्तों को चिन्हित कर वहां स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था कराई जाए। साथ ही स्कूल, कोचिंग और अन्य शिक्षण संस्थानों के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए, जिससे देर शाम पढ़ाई या कोचिंग से लौटने वाली छात्राओं को असुरक्षा का सामना न करना पड़े।
नगर मजिस्ट्रेट ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया कि वह स्वयं स्कूल-कॉलेजों का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि छात्राओं को स्कूल आने-जाने के दौरान किसी प्रकार की परेशानी या असुरक्षा का सामना न करना पड़े। केवल कागजी व्यवस्थाओं के बजाय मौके पर सुरक्षा इंतजामों की वास्तविक स्थिति की जांच करने पर जोर दिया गया।
सभी बालिका इंटर कॉलेजों की प्रधानाचार्याओं को भी जिम्मेदारी तय करते हुए निर्देश दिए गए कि वे छात्राओं से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं जानें। उनसे यह पूछा जाए कि रास्ते में किसी तरह की छेड़छाड़, उत्पीड़न, धमकी अथवा अन्य परेशानी तो नहीं हो रही है। छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।बैठक में विद्यालयों में शिकायत पेटी लगाने और उसे नियमित रूप से देखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। प्रशासन का उद्देश्य साफ है कि बालिकाओं को विद्यालय, कोचिंग या लाइब्रेरी से लौटते समय सुरक्षित माहौल मिले और किसी भी शिकायत को दबने न दिया जाए।प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बालिकाओं की सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही मिलने पर संबंधित स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।
