कुंडा/प्रतापगढ़ । कुंडा तहसील से प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय आने-जाने वाले हजारों लोगों पर प्रस्तावित टोल टैक्स का आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका के बीच अब प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं भाजपा नेता अभय प्रताप सिंह उर्फ पप्पन सिंह की पत्नी जिला पंचायत सदस्य क्षमा सिंह द्वारा जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र के बाद जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग के सहायक अभियंता को पत्र जारी कर मामले की स्थानीय स्तर पर जांच कराने और नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मामला कुंडा-जठवारा मार्ग पर श्रीराम वनगमन मार्ग के निर्माण के दौरान मोहनगंज और जेठवारा के बीच बनाए जा रहे टोल बूथ बैरियर से जुड़ा है। जिला पंचायत सदस्य क्षमा सिंह ने 16 जून 2026 को जिलाधिकारी को पत्र भेजकर बताया था कि मोहनगंज से श्रीराम वनगमन मार्ग की शुरुआत होती है, जिसकी दूरी लगभग 10 किलोमीटर है। वहीं कुंडा तहसील से प्रतापगढ़ की ओर आने वाले लोगों को जेठवारा से लगभग 5 से 7 किलोमीटर सड़क पर चलने के बाद प्रस्तावित टोल बूथ के कारण शुल्क देना पड़ सकता है।
इस तरह प्रतिदिन कुंडा क्षेत्र से जिला मुख्यालय आने-जाने वाले हजारों लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। उन्होंने रोड मैनुअल, टोल बूथ तथा सरकार की गाइडलाइन के अनुसार मामले की जांच कराने की मांग की थी, जिसमें किसी सड़क पर निर्धारित दूरी तय होने के बाद ही टोल बूथ लगाए जाने की व्यवस्था का हवाला दिया गया था।
जिला पंचायत सदस्य के पत्र का संज्ञान लेते हुए डीएम ने एनएचआई के सहायक अभियंता को पत्र जारी करके क्षमा सिंह के पत्र के हवाला देते हुए आवश्यक जांच और कार्यवाही करने का आदेश दिया है। डीएम द्वारा पत्र जारी करने के बाद अब लोगो की निगाह एनएचआइ के कार्यवाही पर टिकी हुई हैं।
कुंडा से प्रतापगढ़ का सफर महंगा होने की खबर विधान केसरी पहले प्रकाशित कर चुका है। प्रस्तावित टोल प्लाजा को लेकर विधान केसरी ने पहले ही प्रमुखता से खबर प्रकाशित करते हुए बताया था कि कुंडा तहसील क्षेत्र से जिला मुख्यालय प्रतापगढ़ आने-जाने वाले हजारों लोगों को टोल टैक्स का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ सकता है।
खबर में यह भी प्रमुखता से उठाया गया था कि कुंडा क्षेत्र के लोगों के लिए प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय तक पहुंचने का यह प्रमुख संपर्क मार्ग है, ऐसे में टोल लगने से रोजाना रोजगार, शिक्षा, न्याय, स्वास्थ्य और प्रशासनिक कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। स्थानीय लोगों ने यह सवाल भी उठाया था कि जिस सीमित दूरी का वे उपयोग करेंगे, उसके लिए उन्हें पूरा टोल देना पड़ेगा या नहीं।
विधान केसरी की खबर के बाद अब जिला पंचायत सदस्य क्षमा सिंह ने इसी समस्या को लेकर जिलाधिकारी को पत्र भेजा और जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग के सहायक अभियंता को स्थलीय जांच तथा नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे टोल बूथ को लेकर चल रही चर्चा को प्रशासनिक स्तर पर भी गंभीरता मिली है।
