रूद्रपुर/मिलक। मिलक कोतवाली में इंस्पेक्टर संजय सिंह ने नए थाना प्रभारी के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। इससे पहले संजय सिंह शाहाबाद थाने में थाना प्रभारी के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। नवागत प्रभारी के कार्यभार संभालते ही अब मिलक कोतवाली की कार्यप्रणाली और पुलिसिंग को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें मिलक कोतवाली में कथित तौर पर दलालों की सक्रियता को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि कुछ कथित बिचैलिए कोतवाली परिसर के आसपास अपने काम निकलवाने के लिए सक्रिय नजर आए।
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में लिखा गया है कि मिलक कोतवाली में नए कोतवाल संजय सिंह के आने के बाद उम्मीद है कि कथित दलालों को पनाह नहीं मिलेगी। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि कुछ लोग कोतवाली में जोड़-तोड़ के प्रयासों में मंडराते हुए दिखाई दिए।
हालांकि, वायरल पोस्ट में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। न ही यह स्पष्ट है कि पोस्ट में जिन लोगों का जिक्र किया गया है, वे वास्तव में किसी अवैध गतिविधि में शामिल थे या किसी वैध कार्य से कोतवाली पहुंचे थे। इसलिए इन आरोपों को फिलहाल सोशल मीडिया पर किए गए दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए
मिलक कोतवाली की कमान अब इंस्पेक्टर संजय सिंह के हाथों में है। ऐसे में उनके सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ थाने की कार्यप्रणाली को पारदर्शी रखने की भी चुनौती होगी।
आम तौर पर पुलिस थानों में फरियादियों और पुलिस के बीच किसी भी अनधिकृत बिचैलिए की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति पुलिस अधिकारियों और फरियादियों के बीच कथित रूप से मध्यस्थता करने की कोशिश करता है, तो उसकी भूमिका पर पुलिस की निगरानी जरूरी हो जाती है।
नए थाना प्रभारी से स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि शिकायत लेकर आने वाले फरियादियों को सीधे पुलिस अधिकारियों तक अपनी बात रखने का मौका मिलेगा और किसी भी प्रकार की कथित दलाली या सिफारिश की व्यवस्था को बढ़ावा नहीं मिलेगा।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इंस्पेक्टर संजय सिंह मिलक कोतवाली में अपनी कार्यशैली किस तरह स्थापित करते हैं। क्या थाने में पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता मिलेगी या फिर पुरानी कार्यप्रणाली ही जारी रहेगी?
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट के बाद मिलक क्षेत्र में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि आरोपों की सच्चाई जांच का विषय है, लेकिन नए प्रभारी के सामने यह मौका जरूर है कि वह स्पष्ट संदेश दें कि कोतवाली में कानून के दायरे से बाहर किसी व्यक्ति की भूमिका स्वीकार नहीं की जाएगी।
अब निगाहें नवागत थाना प्रभारी संजय सिंह की कार्यशैली और आने वाले दिनों में मिलक कोतवाली में होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।।
