बलिया। जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही को जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने गंभीरता से लिया है।सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड एवं आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान शिकायतकर्ताओं से फीडबैक नहीं लेने वाले नौ विभागों के अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने साफ कहा कि आईजीआरएस पर शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने की प्रगति 80 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए। निर्धारित स्तर से कम फीडबैक मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा के दौरान नौ विभागों में शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने में लापरवाही सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए। शिकायतकर्ताओं से संपर्क स्थापित करने की समीक्षा में खंड शिक्षा अधिकारी नगर की प्रगति भी संतोषजनक नहीं मिली। इस पर जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
दो विभागों में शिकायतकर्ताओं से संपर्क स्थापित करने की प्रगति शून्य पाए जाने पर भी संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं, आईजीआरएस पोर्टल पर विद्युत विभाग के अधिकारी द्वारा गलत निस्तारण आख्या अपलोड किए जाने का मामला सामने आया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री संदर्भ से संबंधित शिकायतों का निस्तारण सात दिन तथा जिलाधिकारी संदर्भ की शिकायतों का निस्तारण 15 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि आईजीआरएस पोर्टल पर किसी विभाग की शिकायत डिफाल्टर मिली तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में सीएम डैशबोर्ड की विभागवार रैंकिंग की भी समीक्षा की गई। जननी सुरक्षा योजना की रैंकिंग सी, जल जीवन मिशन और फैमिली आईडी की रैंकिंग बी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को अपनी रैंकिंग ए श्रेणी में लाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए।
निर्माण कार्यों की समीक्षा में राजकीय निर्माण निगम की ओर से शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण परियोजना में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था के अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण परियोजनाओं की गति बढ़ाकर निर्धारित समयसीमा में काम पूरा कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं और जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं और निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।
बैठक में सीडीओ आलोक कुमार, सीआरओ गुलशन जी, एडीएम अनिल कुमार सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
