बलिया। जिले में बाढ़ की स्थिति के बीच प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सोमवार को तहसील बांसडीह के बाढ़ प्रभावित ग्राम पर्वतपुर और भोजपुरवा का दौरा कर जमीनी स्तर पर राहत-बचाव व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से सीधे संवाद कर राशन, भोजन, चिकित्सा और अन्य जरूरी सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही अधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक हर जरूरी मदद समय से पहुंचाने के निर्देश दिए।
पर्वतपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में बनाए गए राहत शिविर का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने वहां ठहरे लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। विद्यालय में करीब 50 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। बाढ़ प्रभावितों के उपचार के लिए मेडिकल टीम तथा पशुओं के इलाज के लिए पशु चिकित्सा टीम भी तैनात की गई है। जिलाधिकारी ने चिकित्सा टीम से उपलब्ध दवाओं, उपचार और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखने के निर्देश दिए।
इसके बाद जिलाधिकारी नाव से ग्राम भोजपुरवा पहुंचे और बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात की। निरीक्षण के दौरान करीब 20 लोग अपने पशुओं के साथ गांव में मौजूद मिले। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे सोमवार शाम नाव के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
जिलाधिकारी ने तहसीलदार को बाढ़ प्रभावित परिवारों के घरों का चिन्हांकन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन प्रभावित परिवारों के पास रहने के लिए जमीन नहीं है, उन्हें नियमानुसार जमीन का पट्टा उपलब्ध कराया जाए। पात्र बाढ़ पीड़ितों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए नौ नावें लगाई गई हैं, जबकि 35 एनडीआरएफ कर्मियों की टीम मोर्चा संभाल रही है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा और राहत कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। जरूरतमंदों तक भोजन, चिकित्सा, सुरक्षित आश्रय और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाई जाएं। निरीक्षण के दौरान एसडीएम बांसडीह, तहसीलदार बांसडीह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
