महाराष्ट्र में 114 कट्टरपंथी पब्लिकेशन पर एक्शन, फडणवीस सरकार ने लगाया प्रतिबंध
August 08, 2026
महाराष्ट्र सरकार ने आतंकवाद और कट्टरपंथी विचारधारा के प्रसार पर रोक लगाने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाया है। गृह विभाग ने 6 अगस्त 2026 को एक राजपत्र अधिसूचना जारी करते हुए आतंकवादी संगठनों से जुड़े 114 कट्टरपंथी प्रकाशनों, पत्रिकाओं और अन्य साहित्य की सभी भौतिक व डिजिटल प्रतियों को सरकार के पक्ष में जब्त करने की घोषणा की है। इस बीच, देवेंद्र महतो के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों का एक और गुट, जो 6 दिनों से भूख हड़ताल पर है, ने दावा किया है कि उन्हें भी बातचीत के लिए झारखंड सरकार की तरफ से न्योता मिला है।
राजपत्र के अनुसार, एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) की जांच, खुफिया एजेंसियों से मिली सूचनाओं और साइबर निगरानी में यह सामने आया कि कुछ कट्टरपंथी साहित्य और डिजिटल सामग्री का प्रसार लगातार जारी है। सरकार का कहना है कि इस तरह की सामग्री हिंसक उग्रवाद का महिमामंडन करती है, युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करती है और आतंकवादी संगठनों में भर्ती को बढ़ावा देती है। यह देश की संप्रभुता, अखंडता, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है।
इसी आधार पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 98(1) के तहत राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर सूचीबद्ध सभी प्रकाशनों की प्रतियों को जब्त घोषित किया है। आदेश के तहत इन प्रकाशनों का प्रकाशन, प्रसार, वितरण, बिक्री, प्रदर्शन और भौतिक या डिजिटल रूप में संग्रहण सरकार द्वारा जब्ती के दायरे में लाया गया है।
अधिसूचना में शामिल प्रमुख प्रकाशनों में 'Voice of Khurasan Magazine', 'The Revolutionary Resurgence', 'Kashmir Kifah Resilience & Courage', 'The Soul of Resistance', 'Nawai Gazwa-e-Hind' समेत कुल 114 प्रकाशन और दस्तावेज शामिल हैं, जिन्हें अधिसूचना में विभिन्न प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से संबंधित बताया गया है।
वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि देखिए नेट या डार्क नेट पर कुछ ऐसी पब्लिकेशन या किताब जिनसे रेडिकलाइज करना या बम कैसे तैयार करना इसकी जानकारी थी। हमला कैसे करें ये बातें उसमें थी। इसके पहले इन्हें बैन करने को लेकर कोई कानून नहीं था लेकिन अब नए कानून के तहत हम इसे बंद कर सकते हैं। यह एक अच्छी कार्रवाई है।
महाराष्ट्र ATS ने कहा कि जांच और विश्लेषण के दौरान यह सामने आया है कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले विभिन्न लेख, पोस्ट, ऑडियो, वीडियो तथा इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल दस्तावेज प्रसारित किए जा रहे हैं। ऐसी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर रोक लगाने तथा देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 98 की उपधारा (1) के तहत 06 अगस्त 2026 को अधिसूचना क्रमांक SUT &0526/CR-276/SPL&4 जारी की गई है।
इस अधिसूचना के माध्यम से आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली कुल 114 पीडीएफ मैगजीनों के प्रकाशन, प्रसारण, वितरण, बिक्री, प्रदर्शन और भौतिक या डिजिटल रूप में रखने और संग्रहित करने पर जब्ती की कार्रवाई घोषित की गई है। इस अधिसूचना का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ATS ने कहा कि सभी नागरिकों से अपील की जाती है कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले किसी भी लेख, पोस्ट या दस्तावेज को भौतिक अथवा डिजिटल रूप में अपने पास न रखें और न ही उसका प्रसार करें। यदि इस संबंध में कोई जानकारी प्राप्त हो तो तत्काल जांच एजेंसियों को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इससे पहले जुलाई महीने में महाराष्ट्र के कई इलाकों में ATS ने रेड की थी। उनकी रडार पर 150 से ज्यादा लोग थे। ATS को इन लोगों के पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े होने की आशंका थी।
