लंभुआ/सुलतानपुर। लंभुआ विकासखंड परिसर स्थित राजकीय कृषि रक्षा इकाई के गोदाम का जर्जर छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया। संयोग अच्छा रहा कि घटना के समय वहां कोई किसान, कर्मचारी या राहगीर मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। छज्जा गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंच गए और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। ’स्थानीय लोगों का कहना है कि गोदाम लंबे समय से जर्जर अवस्था में था और इसकी मरम्मत की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही थी’।
आरोप है कि हाल ही में मंडलायुक्त (कमिश्नर) के प्रस्तावित दौरे को लेकर भवन की केवल रंगाई-पुताई कर दी गई, जबकि भवन की वास्तविक जर्जर स्थिति को नजरअंदाज कर दिया गया। छज्जा गिरने की घटना के बाद भवन की मजबूती और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं’।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि यह हादसा कार्यालय समय में होता, जब किसान कृषि संबंधी कार्यों से गोदाम के आसपास मौजूद रहते हैं, तो बड़ा जान-माल का नुकसान हो सकता था। घटना के बाद कई लोगों ने भवन के अन्य हिस्सों को भी खतरनाक बताते हुए तत्काल सुरक्षा उपाय करने की मांग उठाई।
स्थानीय किसानों और नागरिकों ने प्रशासन से पूरे भवन की तकनीकी जांच कराने, जर्जर हिस्सों को तत्काल हटाने तथा नए भवन के निर्माण की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकारी भवनों के रखरखाव में केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों का भी गंभीरता से पालन किया जाना चाहिए। साथ ही इस मामले में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।
