तखती लिए किसान व महिलाएं कर रही धरना प्रदर्शन सामान रेट की मांग, योगी सरकार में भी नहीं मिल रहा न्याय
लखनऊ। लखनऊ जिले के बख्शी का तालाब क्षेत्र में प्रस्तावित नैमिष नगर योजना के अंतर्गत सर्किल रेट में असमानता के विरोध में किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। अपनी मांगों को लेकर किसान अनिश्चितकालीन धरना पर सैरपुर बाजार के पास बैठे हुए। किसानों का आरोप है कि नैमिष नगर योजना में सामान प्रकृति की भूमि होने के बावजूद अलग-अलग ग्राम सभाओं के लिए अलग-अलग सर्किल रेट निर्धारित किए गए हैं। वहीं किसानों के अनुसार 8 ग्राम सभाओं का सर्किल रेट लगभग 1 करोड़ 25 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तय किया गया है, जबकि 10 ग्राम सभाओं के लिए मात्र 81 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित किया गया है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। किसानों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, और अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी है, लेकिन सामान भूमि के लिए सामान मुआवजा मिलना उनका नैतिक अधिकार है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सर्किल रेट में समानता स्थापित कर उचित मुआवजा नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा। वहीं किसानों ने बताया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण,लोकतांत्रिक और कानून के दायरे में चल रहा है तथा उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर न्यायपूर्ण निर्णय लेगी। वहीं रविवार को धरना प्रदर्शन में 2000 व्यक्तियों ने विरोध जताया है। वहीं धरना प्रदर्शन में आनंद त्रिपाठी, भानु रावत, भानु राजपूत, रामू मिश्रा समेत अन्य महिलाएं शामिल रहीं। वही इतने दिन से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन चल रहा है, लेकिन अभी तक कोई जिम्मेदार एलडीए का अधिकारी नहीं पहुंचा है, जिससे कि किसानों में नाराज की है। अगर किसानों की मांगे पूरी न हुई तो, किसान मुख्यमंत्री आवास कूच करेंगे।
