लखनऊ। लखनऊ जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र इटौंजा के ग्राम पंचायत ढिलवासी में बुखार मलेरिया से लगभग 50 लोग पीड़ित हैं। नागरिकों का कहना है कि संचारी रोग नियंत्रण टीम नहीं पहुंच पा रही है। जिससे चिकित्सा सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचने के लिए हेल्थ एजुकेशन ऑफिसर की तैनाती की गई है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय कार्यक्रम सिर्फ हवा हवाई साबित हो रहे हैं।
गांव में जन-जन तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के लिए सीएचसी इटौंजा में हेल्थ एजुकेशन ऑफिसर डी पी पांडेय की तैनाती की गई है। जिनका मुख्य कार्य संचारी रोग नियंत्रण टीम एवं एन एम , आशा बहू तथा हेल्थ सुपरवाइजर के कार्यों की मॉनिटरिंग करना है। लेकिन वह सप्ताह में दो ही दिन आते हैं। जिससे ग्राम स्तर पर बीमार लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। कारण यह है कि हेल्थ एजुकेशन ऑफिसर द्वारा स्वास्थ्य टीम की मॉनिटरिंग नहीं की जाती है। फील्ड विजिट भी नहीं की जाती है। प्रधान प्रतिनिधि ढिंलवासी अनुज सिंह ने बताया शिकायत के बावजूद भी स्वास्थ्य कर्मचारी नहीं आते हैं। ग्राम पंचायत में बुखार व मलेरिया से लोग पीड़ित हैं। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटौंजा के अधीक्षक ने बताया कि हेल्थ एजुकेशन ऑफिसर डीपी पांडेय को जब बुलाया जाता है तब आते हैं। इसके अलावा अपने कार्य में व्यस्त रहते हैं। स्वास्थ्य संबंधी में राष्ट्रीय कार्यक्रम जो चलाए जाते हैं। उसमें उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
