लखनऊ। चारबाग स्थित रेवड़ी वाली गली (दुकान संख्या-9) में लखनऊ विकास प्राधिकरण की कथित सुस्ती और साठगांठ का एक चैंकाने वाला मामला सामने आया है। जिस जमीन को एलडीए ने अपने लेआउट प्लान में श्पार्क एवं भविष्य के उपयोगश् के लिए आरक्षित रखा था, उस पर भू-माफियाओं ने अवैध रूप से 5 मंजिला आलीशान होटल खड़ा कर दिया है।
जागरूक नागरिक मोहम्मद शारिक द्वारा 19 मई 2026 को शिकायत दर्ज कराने के वक्त निर्माण केवल पहली मंजिल तक ही सीमित था। हालांकि, एलडीए अधिकारियों की कागजी सुस्ती का फायदा उठाकर बिल्डर ने कुछ ही समय में वहां चार से पांच मंजिला इमारत खड़ी कर दी।
मामला बढ़ने पर एलडीए की टीम ने 20 जुलाई 2026 को पहुंचकर इमारत को सील तो कर दिया, लेकिन दबंग बिल्डर ने कार्रवाई को ठेंगा दिखाते हुए सील उखाड़ फेंकी। सील तोड़े जाने का लाइव वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने प्राधिकरण की साख पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस पूरे खेल में सबसे चैंकाने वाला मोड़ यह सामने आया है कि 10ध्10 की जिन दुकानों की आड़ में यह विशाल होटल बनाया गया, उनके मूल आवंटी वर्षों पहले ही परलोक सिधार चुके हैं। भू-माफियाओं ने मृत व्यक्तियों के कागजों का सहारा लेकर इस पूरी जमीन पर कब्जा जमा लिया।
स्थानीय निवासियों और शिकायतकर्ताओं का कहना है कि महज कागजी सीलिंग और बयानों की नौटंकी के बजाय जब तक अवैध निर्माण पर ठोस जमीनी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक सरकारी पार्कों की जमीन पर कंक्रीट के अवैध महल ऐसे ही खड़े होते रहेंगे।
