लखनऊ। लखनऊ जिले के इटौंजा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में इमरजेंसी सेवा पर आरोप लगाते हुए, एक महिला के परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया हैं। जिसका कहना है कि यहां से दूसरे अस्पताल ले जाओ और बिना इलाज किया वापस कर दिया गया। जिससे सरकार द्वारा जहां ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर तरीके से उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है, वहीं यहां के डॉक्टर इसके उल्टा काम कर रहे हैं। इटौंजा थाना क्षेत्र के अकबरपुर निवासी शिवम सिंह का आरोप है कि वह बीते 19 जुलाई को रात्रि 11रू30 बजे बहन मोनी सिंह के इलाज के लिए इटौंजा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए थे। वहां पर डॉक्टर व स्टाफ मौके पर आकर के मरीज को देखते ही कहा कि आप राम सागर मिश्र शौ शैय्या अस्पताल बीकेटी लेकर जाइये। जिससे तुरंत ले जाया गया कुछ समय पश्चात इलाज के बाद बहन मोनी सिंह की तबीयत सही हो गई, लेकिन इटौंजा सीएचसी के चिकित्सकों का रवैया मरीजों के प्रति अच्छा नहीं दिख रहा है। कहा कि रास्ते में यदि कोई अनहोनी हो जाती तो किसकी जिम्मेदारी किसकी होती। वहीं पीड़ित ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर की है। अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि ड्यूटी पर जिनका नाम होता है वह ड्यूटी नहीं करते हैं आपस में ही डॉक्टर ड्यूटी एक्सचेंज कर लेते हैं। वहीं क्षेत्रीय मरीजों का कहना है कि अस्पताल के अधीक्षक स्वास्थ्य सेवाओं में रुचि नहीं लेते हैं, मरीज को समय नहीं देते हैं, लेट लतीफ अस्पताल आते जाते हैं।
क्या बोले जिम्मेदार-इटौंजा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अधीक्षक अवधेश कुमार ने बताया कि संबंधित डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा गया है इसके बाद ही आगे की कार्यवाहीं की जायेगी।
