- बोले छात्रों की आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार
- पांचवें दिन शनिवार को 3रू00 बजे के बाद पुलिस बल हटा
पीलीभीत। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी तथा 127 विधानसभा क्षेत्र पीलीभीत से जुड़े मोहम्मद आरिफ ने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में रामपुर जाकर वहां अध्ययनरत छात्रों के पक्ष में आवाज उठाने की तैयारी थी, लेकिन इससे पहले ही देर रात उन्हें उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया गया।
शनिवार को जारी अपने बयान में मोहम्मद आरिफ ने कहा कि उनकी नजरबंदी का यह पाँचवाँ दिन है। उनका आरोप है कि सरकार विरोध की हर आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है, जबकि लोकतंत्र में छात्रों के भविष्य और शिक्षा के अधिकार की बात करना किसी भी नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा, ष्बुलडोजर इमारतों पर चलाया जा सकता है, लेकिन शिक्षा के अधिकार और छात्रों के हौसलों पर नहीं। जौहर यूनिवर्सिटी की इमारतों को निशाना बनाया जा सकता है, मगर वहां पढ़ने वाले छात्रों के भविष्य और उनकी आवाज को कभी कुचला नहीं जा सकता।ष्
मोहम्मद आरिफ ने कहा कि यदि कोई जनप्रतिनिधि या सामाजिक कार्यकर्ता छात्रों की समस्याओं को उठाने के लिए भी स्वतंत्र रूप से कहीं नहीं जा सकता, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सवाल किया कि क्या छात्रों के भविष्य की लड़ाई लड़ना अब अपराध माना जाने लगा है। सपा नेता ने कहा कि उन्हें भले ही घर में नजरबंद कर दिया गया हो, लेकिन इससे उनके विचार, संघर्ष और जनहित के मुद्दों को उठाने का संकल्प कमजोर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वह छात्रों के हित, शिक्षा के अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आगे भी आवाज उठाते रहेंगे। हालांकि शनिवार को 3रू00 के बाद लगभग पुलिस बल हटाया गया।
