लंभुआ/सुलतानपुर।सुलतानपुर जिले की लंभुआ तहसील में आज उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भारी संख्या में वकीलों ने तहसील परिसर में प्रशासनिक कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बार एसोसिएशन के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने स्थानीय उपजिलाधिकारी (ैक्ड) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वकीलों का आरोप है कि वर्तमान एसडीएम के भ्रष्ट रवैये के कारण तहसील में न्याय व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह चरमरा गया है।
’धरना प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने सीधे तौर पर एसडीएम पर तानाशाही का आरोप लगाया।’ बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि एसडीएम महोदय जानबूझकर श्बार और बेंचश् (वकील और न्यायालय) के बीच के आपसी तालमेल को खराब करना चाहती हैं। वकीलों के मुताबिक, किसी भी तहसील की सुचारू व्यवस्था के लिए बार और बेंच का समन्वय बेहद जरूरी है, लेकिन वर्तमान एसडीएम के अड़ियल और कथित रूप से भ्रष्ट रवैये के कारण यह खाई लगातार चैड़ी होती जा रही है।
मुख्य मांगें-
- तत्काल स्थानांतरणरू भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे लंभुआ एसडीएम का तत्काल प्रभाव से ट्रांसफर किया जाए।
- कार्यप्रणाली में सुधाररू वादकारियों और अधिवक्ताओं के साथ प्रशासनिक अधिकारियों का व्यवहार मर्यादित हो।
- पारदर्शिता तहसील स्तर पर लंबित मामलों का निपटारा बिना किसी द्वेष या भ्रष्टाचार के किया जाए।
वकीलों के इस उग्र प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार के चलते लंभुआ तहसील का न्यायिक व प्रशासनिक कामकाज आज पूरी तरह ठप रहा। दूर-दराज के गांवों से जमीन-जायदाद और अन्य मामलों की तारीख व फरियाद लेकर आए सैकड़ों वादकारियों को बिना किसी सुनवाई के बैरंग वापस लौटना पड़ा।
अधिवक्ताओं ने साफ शब्दों में जिला प्रशासन और शासन को चेतावनी दी है कि जब तक दागी एसडीएम को लंभुआ तहसील से नहीं हटाया जाता, तब तक उनका आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जल्द ही उच्च अधिकारियों ने इस मामले में हस्तक्षेप कर न्यायोचित कार्रवाई नहीं की, तो वकील अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करने के लिए बाध्य होंगे।
इस संबंध में जब तहसील प्रशासन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उनकी तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
