अखिलेश यादव को भगवान विष्णु के अवतार में दिखाया! संतों में आक्रोश
July 02, 2026
बनारस में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के 53वें जन्मदिन पर एक विवादित पोस्टर जारी किया गया है। इस पोस्टर में अखिलेश यादव को भगवान विष्णु (कृष्ण रूप) के अवतार में दिखाकर उनकी पूजा-अर्चना की गई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद से सनातन धर्म के अनुयायियों, संतों, महंतों और ब्रजवासियों में गहरा रोष व्याप्त है। मामले पर आपत्ति जताते हुए फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने कहा है कि किसी भी इंसान की तुलना भगवान से नहीं की जा सकती। उन्होंने इसे सनातन धर्म का उपहास उड़ाने वाला कृत्य बताते हुए सरकार से दोषी कार्यकर्ताओं पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के एक पोस्टर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में अखिलेश यादव को भगवान विष्णु के कृष्ण स्वरूप के रूप में दर्शाते हुए उनकी पूजा-अर्चना किए जाने का दावा किया जा रहा है। इसको लेकर आपत्ति जताई गई है। श्री कृष्ण जन्मभूमि केस के मुख्य पक्षकार फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने इस पूरे प्रकरण की निंदा की है। उन्होंने कहा है कि किसी भी राजनीतिक व्यक्ति या सामान्य इंसान की तुलना भगवान से करना धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है। उन्होंने कहा कि भगवान के स्वरूप का इस प्रकार राजनीतिक प्रचार या व्यक्तिपूजा के लिए उपयोग करना सनातन परंपरा का अपमान है। इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
फलाहारी महाराज ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति या संगठन धार्मिक प्रतीकों और देवी-देवताओं का इस प्रकार उपयोग करने का साहस न कर सके। उन्होंने कहा कि आस्था से जुड़े विषयों पर सभी राजनीतिक दलों और उनके कार्यकर्ताओं को संयम बरतना चाहिए।
इस घटना के बाद ब्रज क्षेत्र के कई संतों और धर्माचार्यों ने भी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि धार्मिक आस्था का सम्मान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार का ऐसा कृत्य, जिससे समाज में विवाद या धार्मिक भावनाएं आहत हों, उससे बचना चाहिए।
