उत्तर प्रदेश के झांसी के चिरगांव कस्बे में एक मकान की खुदाई के दौरान उस समय वहां पर सैकड़ों लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई जब वहां पर कथित चांदी के पुराने सिक्के मिलने की सूचना सनसनी की तरह फैल गई। इस खबर के मिलने के बाद घटनास्थल पर मेले जैसा माहौल देखने को मिला जिसमें लोग मौके पर पहुंचने के साथ मिट्टी में सिक्कों की तलाश करने लगे। चिरगांव के जैन मंदिर के सामने रहने वाले दीपू गुप्ता अपने पुराने मकान को तुड़वाकर उससे निकली मिट्टी को महाकालेश्वर मंदिर के पास से होते हुए तालाबपुरा स्थित तालाब के समीप डलवा रहे थे। इसी दौरान वहां पर मिट्टी में खेल रही एक बच्ची को चांदी का सिक्का मिला जिसके बाद उसने ये बात अपने परिजनों के बताई और फिर अन्य लोग भी वहां पर पहुंचने के साथ मिट्टी में सिक्के की तलाश करने लगे।
जैन मंदिर के सामने रहने वाले दीपू गुप्ता के पुराने मकान को जिसे वह तुड़वा रहे थे उसमें मिट्टी में खेल रही एक बच्ची को चांदी का एक पुराना सिक्का मिला। बच्ची ने यह बात अपने परिजनों को बताई, जिसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और मिट्टी की जांच शुरू की। इसी दौरान कुछ अन्य लोगों को भी पुराने चांदी के सिक्के मिलने की चर्चा सामने आई। ये खबर पूरे गांव में सनसनी की तरह फैल गई जिसके चलते वहां पर बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और मिट्टी को खंगालकर सिक्कों की तलाश करने लगे। इससे वहां पर काफी अफरा-तफरी भरा माहौल देखने को मिला। हालांकि अभी तक मिले सिक्कों की संख्या, उनकी प्रामाणिकता और उनके ऐतिहासिक महत्व की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
झांसी के चिरगांव कस्बे में पुराने मकान की खुदाई के दौरान मिले कथित चांदी के सिक्कों को लेकर अभी तक प्रशासन की तरफ से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यदि जांच में यह सिक्के पुरातात्विक महत्व के पाए जाते हैं, तो संबंधित विभाग द्वारा उन्हें अपने कब्जे में लेकर विस्तृत जांच कराई जा सकती है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों में उत्सुकता देखने को मिल रही है।
