लखनऊ। राजधानी के प्रसिद्ध गोल मार्केट क्षेत्र में नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर विवाद गहरा गया है। सौंदर्यीकरण योजना के तहत लगाए जा रहे लगभग 10 फीट ऊंचे लोहे के जाल और विशालकाय गोल ढांचों को लेकर स्थानीय व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है। व्यापारियों का आरोप है कि इस निर्माण से न केवल क्षेत्र की पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो रही है, बल्कि उनकी दुकानों की दृश्यता (विजिबिलिटी) पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।
गोल मार्केट के व्यापारी प्रतिनिधिमंडल ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महापौर सुषमा खर्कवाल से मुलाकात की और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। दुकानदारों का कहना है कि सौंदर्यीकरण के तहत लोहे के विशालकाय ढांचे खड़े किए जाने से ग्राहकों के लिए वाहन खड़ा करने की जगह समाप्त हो गई है। इससे बाजार में आने वाले ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। 10 फीट ऊंचे लोहे के जाल खड़े होने से पीछे स्थित दुकानों का मुख्य मार्ग से दिखना बंद हो गया है, जिससे उनका व्यापार ठप होने की नौबत आ गई है। व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि बाजार का मुख्य रास्ता और ग्राहकों की पहुंच को बंद करके किया जाने वाला कोई भी विकास कार्य उन्हें मंजूर नहीं है।
व्यापारी नेता संजय गुप्ता ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा, ष्व्यापारियों का रास्ता और रोजगार बाधित करना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। सौंदर्यीकरण ऐसा होना चाहिए जिससे व्यापार और आम जनता को सुविधा मिले, न कि उनका नुकसान हो।ष्
व्यापारियों की समस्याओं और भारी विरोध को देखते हुए महापौर सुषमा खर्कवाल ने मामले पर तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित नगर निगम अधिकारियों को तुरंत काम रोकने के निर्देश दिए हैं। महापौर ने आश्वासन दिया है कि वह स्वयं स्थिति का जायजा लेने के लिए जल्द ही स्थलीय निरीक्षण करेंगी और व्यापारियों के हित को ध्यान में रखकर ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
व्यापारियों ने मांग की है कि जब तक निर्माण स्थल का पुनर्मूल्यांकन कर नया नक्शाध्प्लान तैयार नहीं किया जाता, तब तक निर्माण कार्य पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
