संग्रामपुर: कुपोषण दूर और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार सहजन -शशांक मिश्रा
July 14, 2026
संग्रामपुर/अमेठी। परिषदीय विद्यालयों में 05 सहजन के पौधे लगाने की शुरुआत जिले के विकास खंड संग्रामपुर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालय जरौटा से मुख्य अतिथि राघवेन्द्र प्रताप सिंह और खंड शिक्षा अधिकारी शशांक मिश्रा ने पांच सहजन के पौध रोपित करके शुरुआत किया।इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी संग्रामपुर शशांक मिश्रा ने बताया कि शासन के दिशा निर्देश के अनुसार परिषदीय विद्यालयों में विद्यालय वाटिका में सहजन के 05 पौधे अनिवार्य रूप से लगाएं जाएंगे जिसकी शुरुआत आज मुख्य अतिथि राघवेन्द्र सिंह की उपस्थिति में क्षेत्र के जरौटा गांव में स्थित परिषदीय विद्यालय में 05 सहजन के पौध रोपण करके किया गया। उन्होंने बताया कि सहजन में भरपूर मात्रा में प्रोटीन , कैल्शियम,आयरन और विटामिन्स होते हैं।सहजन (मोरिंगा) को पोषण का खजाना माना जाता है। इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन ए, सी, ई, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और प्रोटीन जैसे आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सहजन का नियमित सेवन कुपोषण की समस्या को कम करने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक होता है। सहजन की पत्तियां, फलियां और फूल सभी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे आसानी से उगाया जा सकता है, जिससे कम लागत में लोगों को पौष्टिक आहार उपलब्ध हो जाता है। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए भी सहजन लाभकारी माना जाता है। उन्होंने बताया कि सहजन की पत्तियों और फलियों को मिड-डे-मील (माध्यान्ह्न भोजन) में शामिल करके बच्चों को पौष्टिक भोजन प्रदान किया जाएगा।इस अवसर पर परिषदीय विद्यालय भवसिंहपुर, संग्रामपुर,गूजीपुर,अमेरूआ, ठेंगहा, तारापुर बेलखरी सरैया कनू आदि के अध्यापक - प्रधानाध्यापक कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
