पीलीभीत। आगामी श्रावण माह में कांवड़ यात्रा और जलाभिषेक के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं निर्बाध यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पीलीभीत प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। गुरुवार को गांधी सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव और जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने संयुक्त रूप से अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा कर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अहम दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने, यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने, ओवरलोडिंग और ओवरस्पीडिंग पर सख्त कार्रवाई करने तथा सड़क सुरक्षा के प्रति आमजन को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनपद के चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर सुधारात्मक कार्य तेजी से कराए जाएं, जिससे दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
श्रावण माह के दौरान निकलने वाली कांवड़ यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। अधिकारियों को कांवड़ मार्गों का पूर्व निरीक्षण करने, संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, बैरिकेडिंग, पार्किंग और आवश्यकता पड़ने पर रूट डायवर्जन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यातायात का सुचारु संचालन बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।एसपी और डीएम ने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी संबंधित विभागों को संयुक्त कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध तरीके से व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया, नताशा गोयल, क्षेत्राधिकारी यातायात आकृति पटेल सहित पुलिस, परिवहन, लोक निर्माण, स्वास्थ्य और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों से कहा गया कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सड़क सुरक्षा, जनहित और श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
