बलिया। जनपद के एक सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध निजी विद्यालय में करियर काउंसिलिंग के दौरान छात्रों की जन्मकुंडली के आधार पर भविष्य की पढ़ाई और करियर को लेकर सलाह दिए जाने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। विद्यालय प्रशासन इसे वैकल्पिक मार्गदर्शन बता रहा है, जबकि आयोजन ने आधुनिक शिक्षा और ज्योतिष की भूमिका को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
गड़वार थाना क्षेत्र स्थित सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध निजी विद्यालय में आयोजित करियर काउंसिलिंग कार्यक्रम इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। विद्यालय प्रशासन ने कक्षा 10, 11 और 12 के विद्यार्थियों के लिए एक एस्ट्रोलॉजिस्ट को आमंत्रित किया, जिन्होंने छात्रों की जन्मतिथि, जन्म समय और जन्मस्थान के आधार पर उनकी जन्मकुंडली का अध्ययन कर आगे की पढ़ाई और करियर को लेकर सुझाव दिए।
जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम से पहले विद्यार्थियों से एक फॉर्म भरवाया गया, जिसमें उनके नाम के साथ जन्म स्थान, जन्म समय और जन्म तिथि जैसी जानकारियां ली गईं। इसके आधार पर एस्ट्रोलॉजिस्ट ने प्रत्येक छात्र की संभावित रुचि और करियर विकल्पों पर अपनी राय रखी।
विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को करियर के प्रति वैकल्पिक दृष्टिकोण देना था। उन्होंने कहा कि कई छात्र सरकारी नौकरी की इच्छा रखते हैं, लेकिन यदि किसी की कुंडली किसी अन्य क्षेत्र, जैसे व्यवसाय, की ओर संकेत करती है तो उसे बैकअप विकल्प के रूप में समझाया गया। साथ ही छात्रों को यह भी कहा गया कि वे अपने लक्ष्य के लिए पूरी मेहनत करें, लेकिन एक वैकल्पिक योजना भी तैयार रखें।
प्रधानाचार्य ने यह भी कहा कि उनके अनुसार एस्ट्रोलॉजी भी एक विज्ञान है और इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में भ्रम पैदा करना नहीं, बल्कि उन्हें अतिरिक्त मार्गदर्शन देना है।
हालांकि, इस आयोजन ने शिक्षा जगत में नई बहस को जन्म दे दिया है। आधुनिक करियर काउंसिलिंग में मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन, योग्यता परीक्षण और रुचि विश्लेषण को प्राथमिकता दी जाती है, ऐसे में जन्मकुंडली के आधार पर करियर संबंधी सलाह दिए जाने को लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विद्यालय प्रशासन इसे एक वैकल्पिक परामर्श सत्र बता रहा है, जबकि इस पहल पर सामाजिक और शैक्षणिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
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