लखनऊ। लखनऊ जिले के बख्शी का तालाब तहसील क्षेत्र में सोमवार को इटौंजा महोना रोड असनहा गांव के निकट किराए के गोदाम पर खाद बांटी जा रही थी, किसान की काफी संख्या में भीड़ लगी थी, जब किसानों से बात की गई तो, उन्होंने बताया गया कि सरवर ना आने के कारण कई घंटे से खाद का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरवर ना आने से कई घंटे खड़े होने के बाद भी खाद नहीं मिली। कई क्षेत्र के गांवों के किसानों ने बताया कि वह कई दिनों से समितियां के चक्कर लगा रहे हैं जब खाद मिलने का नंबर आता है, तो कही सरवर चला जाता है, तो कही अन्य समस्या आ जाती है,जहां इस समय धान की फसल में यूरिया खाद की अत्यंत आवश्यकता है, लेकिन खाद मिलने में सरवर का ग्रहण लग गया है। जिससे दर्जनों बार दौड़ने के बावजूद भी किसान को खाद नहीं मिल पा रही है। भक्ता खेड़ा के किसान ने बताया कि जहां एक ओर किसान धान रोपाई के लिए खाद बिना परेशान हैं और जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं वहीं पर बड़े किसानों को आसानी से खाद उपलब्ध हो रही है।
किसानों ने यह भी बताया कि दो बोरी यूरिया के लिए कई बार समिति के चक्कर लगाने पड़ते हैं।वहीं इटौंजा महोना रोड पर जहां गोदाम पर खाद का वितरण हो रहा था, उसी के पास एक ऑटो में खाद की बोरियां भरी थी, यह खाद इतनी मात्रा में ऑटो चालक को कैसे मिल गई। कहां जा रही थी,यह जांच का विषय है। किसानों ने बताया कि पहुंच वाले किसानों को खाद की कोई किल्लत नहीं है और दो बोरी के लिए छोटे किसानों को गणेश परिक्रमा करनी पड़ रही है। वहीं अलदमपुर, हमी, परसहिया,भाक्ता खेड़ा, शुक्लन पुरवा अन्य गांवों के किसानों ने बताया कि गांव में साधन सहकारी समिति है, लेकिन शुक्लन पुरवा गोदाम को बंद कर दिया है, जिससे अधिक दूर खाद लेने जाना पड़ता है। सरवर ना आने की वजह से कई कई बार लौटना पड़ता हैं, जिससे किसानों में आक्रोश दिख रहा था। वहीं जिम्मेदार खाद अधिकारी द्वारा निरीक्षण ना करने से खाद केंद्रो पर मनमानी की जा रही हैं।
