टनकपुर। नगर पालिका परिषद टनकपुर की निविदा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ष्संजीव इंजीनियर एंड कॉन्ट्रैक्टरष् के संचालक संजीव शिशोदिया ने आरोप लगाया है कि उनकी फर्म के नाम और दस्तावेजों का कथित तौर पर फर्जी इस्तेमाल कर टेंडर में भाग लिया गया, जबकि उनकी फर्म ने न तो टनकपुर और न ही उत्तराखंड की किसी नगर निकाय की इस निविदा में हिस्सा लिया है।
अधिशासी अधिकारी को दिए शिकायत पत्र में शिशोदिया ने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया से उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी मिली। उनका कहना है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी फर्म का नाम, पंजीकरण और दस्तावेजों का कूटरचित तरीके से इस्तेमाल किया है, जो गंभीर आपराधिक कृत्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी फर्म का उक्त ई-टेंडरिंग प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि फर्म के मालिक के अनुसार दस्तावेज फर्जी थे, तो वे नगर पालिका की टेंडर प्रक्रिया तक पहुंचे कैसे? क्या दस्तावेजों का सत्यापन नहीं हुआ? यह मामला अब टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर रहा है। शिशोदिया ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है।।
