कन्नौजः पुलिस द्वारा हत्या की घटना का किया गया अनावरण
July 02, 2026
कन्नौज। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार द्वारा अपराध एवं अपराधियो के विरूद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम मे, अपर पुलिस अधीक्षक कन्नौज अजय कुमार के कुशल निर्देशन मे, क्षेत्राधिकारी सदर कन्नौज कुलवीर सिंह के पर्यवेक्षण में एवं प्रभारी कोतवाली कन्नौज जितेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा गुरुवार को थाना कोतवाली कन्नौज पर पंजीकृत हत्या के मुकदमे का अनावरण करते हुये प्रकाश में आये अभियुक्तगण सोनू कठेरिया पुत्र दुलीचन्द्र निवासी पहलवानगंज थाना कोतवाली कन्नौज शमीम पुत्र दराब निवासी ग्राम तिखवा थाना कोतवाली कन्नौज जनपद कन्नौज को गिरफ्तार किया गया। बीते इक्कीस जून को वादिनी रन्नो देवी पत्नी स्वर्गीय श्रीराम ग्राम लीलापुर्वा थाना कोतवाली कन्नौज ने थाना कोतवाली कन्नौज पर प्रार्थना पत्र दिया था कि मेरा बेटा सचिन दिल्ली से गांव आने वाला था लेकिन वह घर नही आ पाया सुबह मुझे जानकारी हुयी कि मेरे बेटे को किसी ने मार दिया है वह लीलापुर्वा से मोचीपुर को जाने रास्ते पर हरिशंकर के खेत के पास पड़ा हुआ मैं मौके पर पहुंची तो वह मर चुका था, जिसके सम्बन्ध में थाना कन्नौज पर मुकदमा पंजीकृत किया गया। अभियुक्त सोनू कठेरिया से पूछताछ करने पर बताया कि मृतक सचिन मेरा दोस्त था जिस दिन वह दिल्ली से लौटा था तो मुझे शाम को मानीमऊ में मिला था तो हम लोगों ने दारू मानीमऊ ठेके से ली थी और पिये थे उससे पहले भी दिन में हमारी मुलाकात हुई थी मेरी रिश्तेदारी में शादी थी मेरे पास पैसा नही था, शाम को जब मै मृतक सचिन के साथ दारू पी रहा था तो देखा सचिन के पास लगभग 20-25 हजार रूपये हैं जो मैने और शमीम ने उसी समय जब सचिन ज्यादा नशे में था तो ले लिये थे । लेकिन मुझे डर था जब होश में आयेगा तो मुझे मारेगा इसी वजह से मैने अपने दोस्त शमीम खान के साथ मिलकर लीलापुर्वा जाने वाले खंडजे पर ईट से मारकर हत्या कर दी थी । मैने मृतक का मोबाइल पहले ही अपने ससुराल भुगैतापुर की तरफ फैंक दिया था। अभियुक्त शमीम खान से पूछताछ करने पर बताया कि मृतक सचिन मेरा दोस्त था जिस दिन वह दिल्ली से लौटा था तो पंचमपुर्वा ठेके पर मेरे साथ दारू पिया था और ठेके से साथ ही निकला था जब मै मृतक सचिन के साथ दारू पी रहा था तो देखा सचिन के पास लगभग 20-25 हजार रूपये हैं मेरे पास लोगों से वसूली का पैसा जो कौपरेटिव में जमा करना था वो मुझसे खर्च हो गया था जिसके लिये पैसे की आवश्यकता थी तब लालच में आकर मैंने पहले ही नशे में होने के कारण मृतक सचिन के सारे पैसे ले लिये थे मैने सोचा कि यदि सचिन होश में आ गया तो पैसे मांगेगा इस वजह से मैंने अपने दोस्त सोनू कठेरिया के साथ मिलकर लीलापुर्वा जाने वाले खंडजे पर ईट से मारकर हत्या कर दी थी।
