Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS
ऑनलाइन भुगतान करें
Pay Now

अमेठीः कानून के रखवालो का कौन करे आखिर चालान ?! बिना हेलमेट दौड़ रहे पुलिसकर्मियों के वाहन, यातायात नियमों पर उठे सवाल


शैलेन्द्र प्रताप सिंह

अमेठी। यातायात नियमों का पालन कराने और उल्लंघन करने वालों के चालान काटने वाली पुलिस ही कई बार नियमों की अनदेखी करती नजर आती है। शहर और कस्बों की सड़कों पर अनेक पुलिसकर्मी बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाते तथा बिना सीट बेल्ट के चारपहिया वाहनों में सफर करते दिखाई देते हैं। ऐसे में आम लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर नियम केवल जनता के लिए हैं या फिर कानून के रक्षक भी इनके दायरे में आते हैं। सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर पुलिस विभाग लगातार आम लोगों के खिलाफ अभियान चलाता है। दोपहिया वाहन चालकों के हेलमेट नहीं पहनने तथा चारपहिया वाहन चालकों के सीट बेल्ट नहीं लगाने पर चालान काटे जाते हैं और लोगों को नियमों का पालन करने की नसीहत दी जाती है, लेकिन कई स्थानों पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई देती है, जहां खुद पुलिसकर्मी ही यातायात नियमों की अनदेखी करते नजर आते हैं। शहर और कस्बों की सड़कों पर अक्सर पुलिसकर्मी बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाते दिखाई देते हैं। वहीं कई पुलिस वाहन और निजी चारपहिया वाहनों में सफर करने वाले पुलिसकर्मी सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करते। ऐसे मामलों को देखकर आम लोगों में सवाल उठने लगे हैं कि जब कानून का पालन करवाने वाली एजेंसी के कर्मचारी ही नियमों का पालन नहीं करेंगे तो आम जनता से इसकी अपेक्षा कैसे की जा सकती है। यातायात नियमों का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाना है। सड़क दुर्घटनाओं में सिर की चोट और सीट बेल्ट नहीं लगाने के कारण होने वाली मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हेलमेट और सीट बेल्ट को सुरक्षा का सबसे प्रभावी साधन माना जाता है। ऐसे में पुलिसकर्मियों द्वारा इन नियमों की अनदेखी करना न केवल उनकी अपनी सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि इससे समाज में गलत संदेश भी जाता है। लोगों का कहना है कि यदि कोई आम नागरिक हेलमेट या सीट बेल्ट के बिना पकड़ा जाता है तो उसका तत्काल चालान काट दिया जाता है, लेकिन जब यही गलती पुलिसकर्मी करते हैं तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। लोगों का मानना है कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और नियमों का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी उसी प्रकार कार्रवाई होनी चाहिए, जैसी आम नागरिकों पर की जाती है। यातायात नियमों के पालन में समानता और पारदर्शिता बेहद जरूरी है। कानून का सम्मान तभी बढ़ेगा जब उसे लागू करने वाले लोग भी उसका पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ पालन करेंगे।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |