अमेठीः विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान का शुभारंभ, जागरूकता रैली और फॉगिंग वाहनों को दिखाई हरी झंडी
July 01, 2026
अमेठी। साल के दूसरे विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा 11 से 31 जुलाई तक संचालित होने वाले दस्तक अभियान का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश कुमार अग्रहरी ने बुधवार को गौरीगंज जिला संयुक्त चिकित्सालय में किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रचार-प्रसार वाहन, जागरूकता रैली एवं फॉगिंग वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान का उद्देश्य जनसामान्य को जागरूक कर डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया तथा अन्य संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे अपने घरों एवं आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, कहीं भी जलभराव न होने दें तथा कूलर, टायर, गमले और अन्य पात्रों में जमा पानी को नियमित रूप से साफ करें। बुखार या किसी भी संचारी रोग के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जांच एवं उपचार कराएं। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू ने कहा कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एक बहु-विभागीय अभियान है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ पंचायती राज, नगर निकाय, शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टाहार, पशुपालन, कृषि तथा अन्य विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका है। अभियान के दौरान स्वच्छता, जल निकासी, कचरा प्रबंधन तथा जनजागरूकता संबंधी गतिविधियां व्यापक स्तर पर संचालित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि दस्तक अभियान के माध्यम से आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर संचारी रोगों के प्रति लोगों को जागरूक करेंगी तथा संभावित रोगियों और कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक सेवाओं से जोड़ेंगी। सभी विभागों के समन्वित प्रयास और जनसहभागिता से ही संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचारी रोगों की रोकथाम, समय पर पहचान और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाओं, जांच सुविधाओं तथा प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाइलेरिया, टीबी तथा अन्य संचारी रोगों की नियमित निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि दस्तक अभियान के दौरान आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर बुखार, इंफ्लूएंजा लाइक इलनेस (आईएलआई), टीबी, फाइलेरिया, काला-आजार एवं कुपोषण से प्रभावित बच्चों की पहचान करेंगी तथा उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ेंगी। साथ ही लोगों को स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, हाथ धोने की आदत और मच्छरजनित रोगों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 70 वर्ष से अधिक आयु के पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे तथा सभी दिव्यांगजन की लाइन लिस्ट तैयार कर संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध कराई जाएगी।
