बलिया। जनपद के तहसील सदर में आयोजित विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर में आमजन को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने आर्थिक अभाव के कारण किसी भी व्यक्ति को न्याय से वंचित न रहने देने के लिए उपलब्ध सेवाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव (पूर्णकालिक) चन्द्र प्रकाश तिवारी के आदेशानुसार बुधवार को तहसील सदर परिसर में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य आमजन, विशेषकर आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों को उनके कानूनी अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं के प्रति जागरूक करना रहा।
शिविर में पैरालीगल वालेंटियर्स श्रीमती रीता शर्मा, श्रीमती मीरा, श्रीमती शिल्पी गुप्ता एवं श्रीमती दीप्ती ने उपस्थित लोगों को विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक तंगी या अन्य कारणों से न्याय प्राप्त करने के अधिकार से वंचित न रहे। पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्राधिकरण निरंतर कार्य कर रहा है।
इस दौरान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (छ।स्ै।) द्वारा संचालित एलएसएमएस (स्ैडै) पोर्टल एवं टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि इन माध्यमों से पात्र व्यक्ति घर बैठे कानूनी परामर्श और सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
शिविर के अंत में आमजन से अपने विधिक अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की निःशुल्क सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की गई।
