बलिया। जनपद के बांसडीह क्षेत्र में बिजली विभाग की कथित लापरवाही ने दो जिंदगियां छीन लीं। शाहपुरवा गांव में खेत में टूटा हाईटेंशन तार गिरने से करंट की चपेट में आकर पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंचीं भाजपा विधायक केतकी सिंह ने अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ा आक्रोश जताते हुए एक्सईएन को घटनास्थल तक ले जाकर फटकार लगाई। मामले में जेई समेत दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
बता दें कि बांसडीह थाना क्षेत्र के शाहपुरवा गांव में गुरुवार को जर्जर हाईटेंशन बिजली का तार टूटकर खेत में गिर जाने से एक ही परिवार के पिता और पुत्र की करंट लगने से मौत हो गई। इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। ग्रामीणों ने घटना के लिए बिजली विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
जानकारी के अनुसार, खेत की सिंचाई करने गए राजेश पहले करंट की चपेट में आ गए। बेटे को बचाने के लिए दौड़े पिता भी बिजली की चपेट में आ गए और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि गांव में भारी आक्रोश फैल गया।
हादसे की सूचना मिलते ही बांसडीह की भाजपा विधायक केतकी सिंह घटनास्थल पर पहुंचीं। वहां उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विधायक एक्सईएन को घटनास्थल तक ले गईं और जर्जर तारों की अनदेखी को लेकर कड़ी फटकार लगाई। इस दौरान उनका अधिकारियों से तीखा संवाद भी हुआ, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
विधायक ने कहा कि यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बिजली कनेक्शन अथवा अन्य कार्यों के नाम पर रिश्वत मांगता है तो लोग सीधे उन्हें इसकी सूचना दें। उन्होंने दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि लापरवाही के कारण निर्दोष लोगों की जान जाना अस्वीकार्य है।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। इस दौरान विधायक केतकी सिंह पीड़ित परिवार के बीच पहुंचीं, उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा समाज पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है।
उधर, पुलिस ने मामले में बिजली विभाग के जेई समेत दो लोगों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया लापरवाही के बिंदुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता (एसई) प्रवीण वर्मा ने घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर जिले में जर्जर बिजली लाइनों और उनके रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते तारों की मरम्मत और नियमित निगरानी की गई होती तो शायद दो लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
.jpg)