संग्रामपुर: ऊसर के बीच हरियाली के लिए वन विभाग ने किया पौधरोपण
July 12, 2026
संग्रामपुर/अमेठी। उसर की जमीन निष्प्रयोज्य मानकर ग्राम पंचायत द्वारा वन विभाग को वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 के लिए स्वीकृत कर दी गई जहां जमीन का पी एस तापमान लगभग 12 बताया जा रहा है। उस स्थान पर वन विभाग द्वारा गड्ढा खुदाई कर उसमें उर्वरक के लिए विभिन्न प्रकार के मिश्रण डालकर वृक्षारोपण किया जा रहा है। जिले के विकासखंड संग्रामपुर क्षेत्र के ग्राम सभा संग्रामपुर के प्रतापगढ़ सीमा पर स्थित तिहैतनपुर गांव में एक ऐसी जमीन जहां जंगली बबूल भी उगने से पीछे हटते हैं वहां की ग्राम पंचायत द्वारा संग्रामपुर वन विभाग को वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 में 10000 पौध लगाने के लिए उस ऊसर जमीन को हरियाली तैयार करने के लिए वन विभाग को दे दिया। वन विभाग में तैनात संग्रामपुर के वनाधिकारी रणवीर सिंह के नेतृत्व में बीते दिनों 10000 गड्ढे को खुदाई कर गड्ढे में उर्वरक बनाने के लिए मिश्रण डाला गया और आज उसी जगह पर शीशम और कंजी के पौध लगाए गए। वन अधिकारी रणवीर सिंह ने बताया कि बंजर भूमि पर वृक्षारोपण करना पर्यावरण सुधार और भूमि की उर्वरता बढ़ाने के लिए किया जाता है जिसके कारण अनु उपयोगी धरती पर हरियाली लाया जा सके और स्थानीय जैव विविधता और जल संचयन को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने बताया कि ऊसर भूमि उसे कहते हैं जिसका तापमान 8.5 से अधिक होता है लवणों और सोडियम की अधिकता होती है जिसके कारण सामान्य फसल उग नहीं पाती है उस स्थान पर वृक्षारोपण करके न केवल मिट्टी सुधार होता है बल्कि बंजर जमीन में आय का साधन बनता है। आज वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 अभियान चलाया जा रहा है जिसमें विभिन्न प्रकार के पौधों का रोपण किया जा रहा है इसी कड़ी में संग्रामपुर क्षेत्र के विभिन्न गांव में ऊसर भूमि सरकारी भूमि सड़क के किनारे आदि स्थानों पर वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण किया जा रहा है इसी क्रम में संग्रामपुर के तिहैतन पुर के ऊसर भूमि पर वृक्षारोपण किया गया।इस कार्यक्रम में वन विभाग की टीम में राजकुमार मिश्रा तेज बहादुर मिश्रा लाल बहादुर यादव राजेंद्र प्रसाद यादव अरविंद सिंह सहित कई लोग शामिल होकर अभियान को सफल बनाने में सहयोग कर रहे हैं।
