मनोज मिश्रा
गौरीगंज/अमेठी। ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राशन कार्डधारकों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने की पहल तेज कर दी गई है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे परिवारों को बचत, बैंकिंग सुविधाओं, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके और उनका जीवन स्तर बेहतर बने।इस पहल के तहत पात्र राशन कार्डधारकों की पहचान कर उन्हें स्वयं सहायता समूहों की सदस्यता दिलाई जाएगी। इसके लिए गांव स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे और लाभार्थियों को समूह से जुड़ने के फायदे बताए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार स्वयं सहायता समूह न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाते हैं, बल्कि परिवारों को छोटे व्यवसाय शुरू करने और नियमित बचत की आदत विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों और ग्राम स्तरीय कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि अभियान पूरी पारदर्शिता और गंभीरता के साथ चलाया जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार इससे वंचित न रहे। अभियान के दौरान लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। सप्लाई इंस्पेक्टर सहित श्री कौशलेन्द्र प्रभारी खंड विकास अधिकारी श्रीमती सरला कनौजिया सहायक विकास अधिकारी का कहना है कि यदि अधिक से अधिक राशन कार्डधारक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ते हैं, तो इससे न केवल परिवारों की आय बढ़ेगी बल्कि गांवों में रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे। यह पहल ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम हैं। समूह से जुड़ने के बाद सदस्य नियमित बचत करते हैं, आवश्यकता पड़ने पर कम ब्याज पर ऋण प्राप्त कर सकते हैं और सिलाई, डेयरी, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प तथा अन्य लघु उद्योगों के माध्यम से आय बढ़ा सकते हैं। इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने के साथ-साथ महिलाओं की सामाजिक भागीदारी और निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ती है। उन्होने कहा कि भविष्य मे भी यह अभियान चलता रहेगा-जिलाधिकारी संजय चौहान
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