लखनऊ। लखनऊ जिले के बख्शी का तालाब नगर पंचायत के वार्ड संख्या 5 स्थित रामपुर देवरई में जर्जर सड़क, जलभराव और जल निकासी की समस्या ग्रामीणों के लिए गंभीर संकट बन गई है। वहीं चंद्रिका देवी रोड पर भगवती मंडप के सामने से गांव को जाने वाला मुख्य संपर्क मार्ग लंबे समय से बदहाल है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे बरसात में पानी से भर जाते हैं, जिससे राहगीरों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर घायल हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
राधा स्वामी सत्संग भवन के पीछे स्थित विवेकानंद नर्सिंग कॉलेज के सामने से रामपुर देवरई जाने वाला मार्ग भी बदहाली की मार झेल रहा है। सड़क के दोनों ओर नालियां नहीं होने से बारिश का पूरा पानी सड़क पर जमा हो जाता है। लगातार जलभराव के कारण सड़क की परत उखड़ चुकी है और जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया है। समस्या तब और गंभीर हो जाती है जब सड़क किनारे पड़े गोबर के ढेर बारिश के पानी के साथ बहकर सड़क पर फैल जाते हैं। कीचड़, दुर्गंध और गंदगी के बीच लोगों का पैदल चलना भी चुनौती बन गया है। जलभराव और गंदगी के कारण क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार समेत अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है और कई लोग बुखार व संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। वहीं ग्रामीणों के अनुसार यह मार्ग केवल रामपुर देवरई ही नहीं, बल्कि गांव से होकर पूर्वांचल छात्रावास के सामने सीतापुर हाईवे तक जुड़ता है। प्रतिदिन सैकड़ों दोपहिया और चारपहिया वाहन, स्कूली छात्र-छात्राएं, मरीज तथा ग्रामीण इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। इसके बावजूद वर्षों से सड़क के पुनर्निर्माण, जल निकासी और नियमित सफाई की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई। वहीं ग्रामीणों ने नगर पंचायत प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से सड़क का तत्काल पुनर्निर्माण, दोनों ओर नालियों का निर्माण, गड्ढों की मरम्मत, सड़क किनारे पड़े गोबर के ढेर हटाने, नियमित सफाई, फॉगिंग तथा एंटी-लार्वा दवा के छिड़काव की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो बरसात के दौरान हादसों के साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा और भी गंभीर हो जाएगा।
रामपुर देवरई का यह संपर्क मार्ग गांव को पूर्वांचल छात्रावास के सामने सीतापुर हाईवे से जोड़ता है। इसी रास्ते से प्रतिदिन सैकड़ों दोपहिया और चारपहिया वाहन, स्कूली छात्र-छात्राएं, मरीज, किसान और ग्रामीण आवागमन करते हैं। खराब सड़क, जलभराव और गंदगी के कारण लोगों को रोज जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो बरसात के दौरान कोई बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता।
