- बीसलपुर-गजरौला मार्ग पर सखिया मोड़ के पास भीषण हादसा, चालक वाहन समेत फरार
बीसलपुर। जनपद के बीसलपुर क्षेत्र में विगत दिवस एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बीसलपुर से अपने गांव लौट रहे बाइक सवार पिता और उनके चार वर्षीय मासूम बेटे को पीछे से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में पहले पिता की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल बेटे ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार दियोरिया कला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पिपरिया संजरपुर निवासी देवस्वरूप गंगवार (28 वर्ष) पुत्र नेतराम शुक्रवार को अपने चार वर्षीय पुत्र आरव (आरब) के साथ बीसलपुर में एक रिश्तेदार के घर आए थे। रात करीब नौ बजे दोनों बाइक से अपने गांव वापस लौट रहे थे। मासूम आरव बाइक की आगे वाली सीट पर बैठा हुआ था।
बताया जाता है कि जैसे ही उनकी बाइक बीसलपुर-गजरौला मार्ग स्थित सखिया मोड़ के पास पहुंची, तभी पीछे से तेज गति से आ रही एक पिकअप ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिता-पुत्र सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद राहगीरों ने मानवता का परिचय देते हुए तत्काल एंबुलेंस को सूचना दी और दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बीसलपुर पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने देवस्वरूप गंगवार को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल मासूम आरव की हालत नाजुक होने पर उसे जिला चिकित्सालय रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही परिवार और गांव में कोहराम मच गया। एक ही घर से पिता और पुत्र की अर्थी उठने की खबर सुनकर हर आंख नम हो गई। मृतक देवस्वरूप तीन भाइयों में मझले थे। उनके बड़े भाई चंद्रसेन और छोटे भाई दीनदयाल हैं। लगभग चार वर्ष पहले उनका विवाह ज्योरा कल्याणपुर निवासी जावित्री देवी से हुआ था। उनके दो पुत्र थे। इस हादसे में बड़ा बेटा आरव भी दुनिया छोड़ गया, जबकि डेढ़ वर्षीय छोटा पुत्र अर्थव अब हमेशा के लिए पिता के साये से वंचित हो गया।
पुलिस ने मृतक देवस्वरूप के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जबकि परिजनों ने मासूम आरव के शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी। पुलिस फरार पिकअप चालक और वाहन की तलाश में जुटी हुई है।
यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के गंभीर परिणामों की याद दिलाता है। एक पल की लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। अब गांव में हर जुबान पर यही सवाल है कि आखिर कब तक तेज रफ्तार वाहनों की लापरवाही मासूम जिंदगियां निगलती रहेगी।
