सुल्तानपुर। अमहट मंडी परिसर’ में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। परिसर में जगह-जगह जाम लगा रहता है, लेकिन इसे सुधारने की कोई पहल नहीं हो रही। सुबह ’4 बजे से 2 बजे’ तक चलने वाली मंडी में व्यापारियों और ग्राहकों का आवागमन रोज बाधित हो रहा है।
मंडी अध्यक्ष ने जाम की समस्या को लेकर कई बार ’मंडी प्रभारी भीम और मंडी सचिव रवींद्र वर्मा’ को अवगत कराया, लेकिन उसके बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया।
व्यापारियों का आरोप है कि मंडी में ’20 सालों से जमे अधिकारी’ स्थानीय लोगों से मधुर संबंधों के कारण कोई कार्रवाई नहीं करते। इसी वजह से मंडी में अव्यवस्थाएं बढ़ती जा रही हैं। मंडी में न अधिकारी, न चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और न ही सुरक्षा कर्मी व्यवस्थाओं पर ध्यान देते हैं।
सोनी चाय के पास चैराहे’ पर रोज जाम की स्थिति बन जाती है जिससे व्यापार पूरी तरह ठप हो जाता है। व्यापारियों का कहना है कि एक तरफ ’जिलाधिकारी महोदय सुल्तानपुर को जाम मुक्त शहर’ बनाने के लिए प्रयासरत हैं, वहीं दूसरी तरफ मंडी परिसर के अधिकारी इस मुहिम को पलीता लगा रहे हैं।
मंडी व्यापारियों का आरोप है कि अधिकारी चयन नींद मस्त हैं। व्यापारियों के कितने भी परेशान होने पर अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ता। कई बार सक्षम अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
व्यापारियों ने मांग की है कि मंडी परिसर की अव्यवस्थाओं को तत्काल दूर कर जाम की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि व्यापार सुचारू रूप से चल सके।
