जंगल से निकलकर आबादी में घुसा खूंखार वन्यजीव, मां-बेटी समेत तीन पर किया हमला,दहशत में ग्रामीण, वन विभाग अलर्ट
पीलीभीत। जनपद के जहानाबाद क्षेत्र में एक बार फिर वन्यजीव के हमले ने जंगल से सटे गांवों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी। आबादी के बिल्कुल नजदीक पहुंचे एक हिंसक वन्यजीव ने मां-बेटी समेत तीन ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। अचानक हुए हमले से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर दौड़े और लाठी-डंडों तथा शोर-शराबे के सहारे किसी तरह वन्यजीव को वहां से खदेड़ा। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग खेतों व जंगल की ओर जाने से डर रहे हैं।जानकारी के अनुसार जहानाबाद थाना क्षेत्र के जंगल से सटे एक गांव में ग्रामीण अपने-अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे। इसी दौरान अचानक जंगल की ओर से निकला वन्यजीव आबादी में पहुंच गया। उसने सबसे पहले एक महिला पर हमला कर उसे घायल कर दिया। मां को बचाने के लिए दौड़ी उसकी बेटी भी वन्यजीव के हमले की चपेट में आ गई। इसी बीच दोनों को बचाने पहुंचे एक अन्य ग्रामीण पर भी वन्यजीव ने हमला बोल दिया। कुछ ही क्षणों में तीन लोग घायल हो गए और गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने बिना देर किए लाठी-डंडे लेकर वन्यजीव को घेरने की कोशिश की और तेज शोर मचाया। लोगों की भीड़ बढ़ती देख वन्यजीव जंगल की ओर भाग निकला। इसके बाद परिजन और ग्रामीण घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। राहत की बात यह रही कि तीनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई गई है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने आसपास के इलाके में निगरानी बढ़ाते हुए वन्यजीव की पहचान और उसकी गतिविधियों का पता लगाने का अभियान शुरू कर दिया है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अकेले खेतों या जंगल की ओर न जाएं, बच्चों को भी बिना जरूरत बाहर न भेजें तथा किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से सटे गांवों में पिछले कुछ समय से वन्यजीवों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। किसानों और पशुपालकों में सबसे अधिक भय का माहौल है, क्योंकि उन्हें रोजमर्रा के काम के लिए खेतों और जंगल के किनारे जाना पड़ता है।ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्र में नियमित गश्त, निगरानी बढ़ाने, वन्यजीव को सुरक्षित तरीके से पकड़ने तथा गांवों की सुरक्षा के लिए ठोस और स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। फिलहाल इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है लोग वन विभाग की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
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