सोशल मीडिया पर मुल्जिम के पक्ष में रिपोर्ट तैयार करने की बातचीत का दावा, एमओआईसी बोले निष्पक्ष जांच कराकर दोषी मिलने पर होगी कार्रवाई
बरखेड़ा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बरखेड़ा में तैनात एक संविदा चिकित्सक का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है। वायरल वीडियो को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। आरोप है कि थाने से मेडिकल परीक्षण के लिए लाए गए एक मुल्जिम की मेडिकल रिपोर्ट उसके पक्ष में तैयार करने को लेकर बातचीत की गई। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और मामले की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे चिकित्सक सीएचसी बरखेड़ा में संविदा पर मेडिकल ऑफिसर के रूप में कार्यरत शिवम राठौर हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि वीडियो लगभग चार दिन पुराना है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच चिकित्सा परीक्षण की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
चिकित्सकीय परीक्षण किसी भी आपराधिक प्रकरण में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जाता है। ऐसे में यदि मेडिकल रिपोर्ट को प्रभावित करने जैसी कोई बात सामने आती है तो यह जांच एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया दोनों के लिए गंभीर विषय बन सकता है। हालांकि फिलहाल वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही जांच पूरी हुई है।
मामले में जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरखेड़ा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी (एमओआईसी) डॉ. लोकेश कुमार गंगवार से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो के तकनीकी पहलुओं और उसमें किए जा रहे दावों की भी जांच की जाएगी। आवश्यक होने पर संबंधित पक्षों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे, ताकि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों का परीक्षण किया जा सके।
फिलहाल पूरे मामले पर सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में किए जा रहे आरोप सही हैं या नहीं। तब तक इस वीडियो को लेकर किसी भी प्रकार की अंतिम टिप्पणी करना उचित नहीं माना जा रहा है।
