पीलीभीत। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत जुलाई माह के खाद्यान्न वितरण का कार्यक्रम जिला पूर्ति विभाग ने जारी कर दिया है। जिले के सभी अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी राशन कार्डधारकों को 6 जुलाई से 20 जुलाई 2026 तक निर्धारित उचित दर की दुकानों से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग ने सभी लाभार्थियों से निर्धारित तिथियों के भीतर राशन प्राप्त करने तथा समय रहते ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की है।
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि वितरण कार्य प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होगा। सभी उचित दर विक्रेताओं को शासन के निर्देशों के अनुरूप पारदर्शी एवं व्यवस्थित वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अंत्योदय राशन कार्डधारकों को प्रत्येक कार्ड पर 21 किलोग्राम गेहूं और 14 किलोग्राम चावल निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही अप्रैल, मई और जून 2026 की लंबित चीनी का वितरण भी इसी माह एक साथ किया जाएगा। प्रत्येक अंत्योदय कार्डधारक को कुल तीन किलोग्राम चीनी 18 रुपये प्रति किलोग्राम की निर्धारित दर से उपलब्ध कराई जाएगी।
वहीं पात्र गृहस्थी राशन कार्डधारकों को प्रति यूनिट तीन किलोग्राम गेहूं और दो किलोग्राम चावल निःशुल्क वितरित किया जाएगा। विभाग ने सभी को सलाह दी है कि राशन लेने के समय राशन कार्ड एवं आवश्यक पहचान संबंधी दस्तावेज साथ लेकर जाएं, ताकि वितरण प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिला पूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि 20 जुलाई वितरण का अंतिम दिन होगा। जिन लाभार्थियों का आधार कार्ड अभी तक नहीं बना है अथवा जिनकी बायोमेट्रिक पहचान ई-पॉस मशीन पर किसी कारणवश सत्यापित नहीं हो पा रही है, उन्हें अंतिम तिथि पर मोबाइल ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण के माध्यम से राशन उपलब्ध कराया जाएगा। इससे ऐसे पात्र लाभार्थी भी खाद्यान्न प्राप्त करने से वंचित नहीं रहेंगे।
विभाग ने सभी राशन कार्डधारकों से अपील की है कि वे अपने राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक सदस्य की ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से पूरी करा लें। भविष्य में खाद्यान्न वितरण पूरी तरह डिजिटल सत्यापन प्रणाली से जुड़ा रहेगा, इसलिए ई-केवाईसी न होने पर लाभ लेने में कठिनाई आ सकती है।
जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि यदि किसी उचित दर की दुकान पर वितरण में अनियमितता, कम तौल, अतिरिक्त धन वसूली या किसी अन्य प्रकार की शिकायत सामने आती है तो संबंधित अधिकारी को तत्काल सूचित करें। शिकायत मिलने पर जांच कर दोषी पाए जाने वाले उचित दर विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, ताकि पात्र लाभार्थियों को शासन की योजनाओं का पूरा लाभ पारदर्शी तरीके से मिल सके।
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