दोस्तपुर/ सुलतानपुर। प्रदेश सरकार के ’संचारी रोग एवं स्वच्छता अभियान’ की हकीकत ’ब्लॉक दोस्तपुर’ के ’ग्राम नारा मधईपुर’ में कुछ और ही नजर आ रही है। जहां एक तरफ हर ग्राम सभा में सफाई और जागरूकता की बात की जा रही है, वहीं नारा मधईपुर में यह अभियान पूरी तरह फेल साबित हो रहा है।
ग्राम में जगह-जगह ’कूड़े और गंदगी के ढेर’ लगे हैं। वर्षों से सफाई न होने के कारण नालियां चोक हैं और आसपास रहने वाले लोग बदबू और बीमारियों से परेशान हैं। संचारी रोग के खतरे के बीच भी यहां जमीनी स्तर पर एक प्रतिशत भी सफाई कार्य नहीं हुआ।
ग्रामवासियों का आरोप है कि ’ग्राम पंचायत सचिव अनुराग दुबे’ और ’ब्लॉक दोस्तपुर के सक्षम अधिकारियों’ को कई बार लिखित-मौखिक शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि अधिकारी सिर्फ ’फोटो खींचकर कोटापूर्ति’ कर देते हैं, जबकि धरातल पर सफाई का कोई काम नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने कहा कि बरसात के मौसम में गंदगी के कारण ’मच्छर, मक्खी और संक्रामक बीमारियों’ का खतरा बढ़ गया है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।
ग्रामवासियों ने ’जिलाधिकारी महोदय सुलतानपुर’ से मांग की है कि नारा मधईपुर का ’जमीनी स्तर पर निरीक्षण’ कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि ष्कागजी कार्रवाई और फोटो से जमीन पर सफाई नहीं होगी।
