सुलतानपुर। जनपद की ’अमहट मंडी परिसर’ बदहाल सड़कों और अव्यवस्थाओं के कारण व्यापारियों और किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। मंडी के अंदर और मुख्य मार्ग पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। इन गड्ढों के कारण आए दिन ’ई-रिक्शा पलट जाते हैं और ठेले वाले गरीब व्यापारियों की गाड़ियों की कैंची टूट जाती है’।
व्यापारियों का आरोप है कि मंडी निर्माण और रख-रखाव के लिए सरकार से जो पैसा आता है, वह जमीन पर खर्च ही नहीं हो रहा। मंडी में साफ-सफाई, मरम्मत और ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
सूत्रों के अनुसार मंडी में ’कुछ कर्मचारी 20 वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं’। इसी कारण अनियमितताएं बढ़ रही हैं और जनसमस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। व्यापारियों का यह भी आरोप है कि ’अधिकांश अधिकारियों की आय से अधिक संपत्ति है’, इसकी भी उच्च स्तर से जांच कराई जानी चाहिए।
व्यापारियों ने कहा कि कई बार लिखित और मौखिक शिकायत के बावजूद मंडी प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। अवैध अतिक्रमण और गड्ढों की वजह से मंडी में रोज जाम और हादसे हो रहे हैं।
व्यापारियों ने जिलाधिकारी और मंडी परिषद के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि ’एक बार अमहट मंडी का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए’। साथ ही मंडी निर्माण में आए सरकारी धन का उपयोग कहां हुआ, इसकी जांच कराकर मंडी का समुचित निर्माण और मरम्मत कराई जाए, ताकि व्यापारियों और किसानों को राहत मिल सके।
