Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS
ऑनलाइन भुगतान करें
Pay Now

गाजीपुरः निपुण संकल्प कार्यशाला का जलसा गार्डन में हुआ भव्य आयोजन! शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और प्रत्येक बच्चे को निपुण बनाये - जिलाधिकारी


गाजीपुर, ।  निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आज दिनांक 23 जुलाई 2026 को जलसा गार्डन वबेड़ी, गाजीपुर में समग्र शिक्षा के तत्वावधान में निपुण संकल्प कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला एवं विशिष्ट अतिथि मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने मॉ संरस्वती के चित्र पर माल्यापर्ण एवं दीप प्रज्जवलित कर कार्यशाला का शुभारम्भ किया। कार्यशाला में दो जनपदो में गाजीपुर व बलिया ने प्रतिभाग किया कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी मंच संचालन दुर्गेश सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला विद्यालय निरीक्षकध्जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रकाश सिंह द्वारा मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं मंचासीन अधिकारियों का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। अपने स्वागत उद्बोधन में प्रकाश सिंह ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए जनपद में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत चलाए जा रहे शैक्षणिक कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की प्रगति पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा उपस्थित शिक्षकों व अधिकारियों को कार्यशाला के उद्देश्यों से अवगत कराया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना और प्रत्येक बच्चे को निपुण बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिगम स्तर की नियमित जांच हेतु प्रत्येक माह पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से श्

मासिक स्टेटस आयोजित किए जाने चाहिए, जिससे प्रत्येक छात्र की अधिगम क्षमताओं व कमजोरियों का सही आकलन कर उसमें समयबद्ध सुधार किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों, शिक्षकों एवं मेधावी छात्र-छात्राओं को चिन्हित कर जनपद स्तर पर सम्मानित व पुरस्कृत करने पर जोर दिया, ताकि अन्य विद्यालयों और बच्चों में भी प्रेरणा तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल बन

जिलाधिकारी ने अपने सारगर्भित संबोधन में कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि बच्चों में उच्च नैतिक मूल्यों, एथिक्स, ईमानदारी और सामाजिक उत्तरदायित्वों का बीजारोपण करना है। शिक्षकों को शिक्षण के दौरान नैतिक शिक्षा और चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। तकनीक के प्रयोग पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में स्थापित स्मार्ट क्लासेस का उपयोग केवल औपचारिकता बनकर न रहे, बल्कि आधुनिक डिजिटल माध्यमों, टीएलएम और ऑडियो-विजुअल कंटेंट का सटीक प्रयोग कर कठिन से कठिन विषयों को भी सहज और रोचक बनाकर पढ़ाया जाए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता और रुचि भिन्न होती है, इसलिए शिक्षक बच्चों की व्यक्तिगत रुचि एवं कठिनाई वाले विषयों की पहचान करें और उसी के अनुसार उन्हें अतिरिक्त समय प्रदान कर लक्षित एवं विशेष मार्गदर्शन दें।

विशिष्ट अतिथि मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने अपने संबोधन में निपुण लक्ष्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर प्राप्त करने के लिए उपस्थित सभी अधिकारियों व शिक्षकों को पूरी निष्ठा, समन्वय और ऊर्जा के साथ जुटने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षकध्जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रकाश सिंह, वित्त एवं लेखाधिकारी अभिषेक कुमार, जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) सर्वजीत यादव, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा अनुपम गुप्ता, जनपद गाजीपुर एवं बलिया के समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, समस्त एस.आर.जी., समस्त ए.आर.पी. उपस्थित रहे।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |