पूर्व विधायक रामइकबाल सिंह ने तीन गांवों में की चैपाल, आठ चरणों में 50 गांवों का मिला समर्थन, डीएम व मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा ज्ञापन
बलिया। वर्ष 2012 से बंद पड़ी रसड़ा चीनी मिल को दोबारा चालू कराने की मांग अब जनआंदोलन का रूप लेती जा रही है। अभियान के आठवें चरण में पूर्व विधायक रामइकबाल सिंह ने जोगसरा, परशुरामपुर और पकड़ी गांवों में किसानों के बीच चैपाल लगाकर समर्थन जुटाया। उन्होंने कहा कि मिल बंद होने से 50 हजार से अधिक गन्ना किसान प्रभावित हैं और क्षेत्र में रोजगार के अवसर समाप्त हो गए हैं। अगस्त में किसान महापंचायत के बाद हजारों किसानों के साथ जिला मुख्यालय का घेराव किया जाएगा।
पूर्व विधायक ने कहा कि मिल बंद होने के बाद गन्ना किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए कई किलोमीटर दूर स्थित चीनी मिलों तक जाना पड़ता है। इससे किसानों का समय और परिवहन खर्च दोनों बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में मिल को दोबारा चालू कराना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
अभियान के जिला संयोजक गीता शरण सिंह ने बताया कि आठ चरणों में अब तक 50 गांवों में जनसंपर्क कर किसानों का समर्थन जुटाया जा चुका है। गांव-गांव हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है। जल्द ही किसानों की मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा।
पकड़ी गांव में संजय सिंह और प्रधान अंजनी सिंह के साथ बैठक कर किसानों की समस्याएं सुनी गईं। वहीं जोगसरा में राजबली चैहान, संजय पाल, गिरजा चैहान, अवधेश चैहान और शिवसागर चैहान ने अभियान को समर्थन दिया। परशुरामपुर में भी ग्रामीणों ने घर-घर संपर्क कर लोगों से जुड़ने की अपील की।
रामइकबाल सिंह ने बताया कि अभियान का नौवां चरण जल्द शुरू होगा, जिसमें आसपास के अन्य गांवों में भी जनसंपर्क किया जाएगा। इसके बाद किसान महापंचायत आयोजित कर अगस्त में हजारों किसानों के साथ जिला मुख्यालय का घेराव किया जाएगा।
