गौरीगंजः नही रहे पूर्व विधायक दादा तेजभान सिंह! 83 साल मे ली लखनऊ के मैक्स अस्पताल में अंतिम सांस
July 04, 2026
गौरीगंज/अमेठी। क्षेत्र के पूर्व विधायक दादा तेजभान सिंह एवं वरिष्ठ जननेता का निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक, सामाजिक और व्यापारिक संगठनों से जुड़े लोगों ने उनके निधन को सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दादा तेजभान सिंह का शनिवार को निधन हो गया। वह 83 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उन्होंने लखनऊ के मैक्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। दादा तेजभान सिंह गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रहे। जानकारी के मुताबिक वर्ष 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर पहली बार विधायक चुने गए, जबकि 1991, 1993 और 1996 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर लगातार तीन बार विधानसभा पहुंचे। उन्हें भाजपा के अमेठी जनपद में संगठन को मजबूत करने वाले प्रमुख नेताओं में गिना जाता था। पूर्व विधायक दादा तेजभान सिंह लंबे समय से जनसेवा और सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में क्षेत्र के विकास, शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए उल्लेखनीय प्रयास किए। उनके कार्यकाल में अनेक विकास योजनाओं को गति मिली, जिसका लाभ आज भी क्षेत्र की जनता को मिल रहा है। दादा तेजभान सिंह अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और जनता के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। वे आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते थे और उनके समाधान के लिए हर संभव प्रयास करते थे। यही कारण था कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी दलों के लोग उनका सम्मान करते थे।उनके निधन की सूचना मिलते ही समर्थकों, शुभचिंतकों और क्षेत्रवासियों का उनके आवास पर तांता लग गया। लोगों ने उनके पार्थिव शरीर के दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों तथा गणमान्य नागरिकों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।उनके निधन पर भाजपा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने उन्हें अपना अभिभावक बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि अमेठी ने एक समर्पित जननेता खो दिया है।अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही। नम आंखों के साथ लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उनके निधन से क्षेत्र ने एक अनुभवी, लोकप्रिय और जनप्रिय नेता को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
