ड्रंक ड्राइविंग, मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न, हूटर-सायरन, नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन और फर्जी नंबर प्लेट के खिलाफ चला विशेष अभियान
पीलीभीत। जनपद में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से पुलिस ने दो दिन विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। अभियान के दौरान जिले के विभिन्न टोल प्लाजाओं एवं प्रमुख मार्गों पर वाहनों की सघन जांच की गई। पुलिस ने विशेष रूप से शराब पीकर वाहन चलाने (ड्रंक ड्राइविंग), मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न, हूटर-सायरन, नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन तथा फर्जी नंबर प्लेट एवं हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट से संबंधित नियमों के उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की।
यह अभियान मुख्यमंत्री के निर्देशों तथा पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के मार्गदर्शन में सड़क सुरक्षा को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से चलाया गया। पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के निर्देशन में जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों, विशेष रूप से बीसलपुर, गजरौला एवं यातायात पुलिस की संयुक्त टीमों ने अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। जांच के दौरान वाहनों के दस्तावेज, नंबर प्लेट, साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न तथा वाहन चालकों की जांच की गई। पुलिस ने शराब के नशे में वाहन चलाने वालों का परीक्षण कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की।
अभियान के दौरान ड्रंक ड्राइविंग के 21, मॉडिफाइड साइलेंसर के 2, प्रेशर हॉर्न, हूटर एवं सायरन के 35, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के 3 तथा फर्जी नंबर प्लेट एवं हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट से जुड़े नियमों के उल्लंघन के 7 चालान किए गए। इस प्रकार कुल 68 वाहनों का चालान करते हुए संबंधित वाहन चालकों पर ₹3,12,500 का शमन शुल्क अधिरोपित किया गया।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें, शराब या अन्य नशीले पदार्थों के सेवन के बाद वाहन न चलाएं, वाहनों में अवैध रूप से मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न, हूटर अथवा सायरन का प्रयोग न करें तथा सभी वाहनों पर निर्धारित मानकों के अनुरूप हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवाएं। साथ ही अभिभावकों से भी आग्रह किया गया है कि वे नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें, क्योंकि ऐसा करना कानूनन अपराध है और इससे गंभीर सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।पुलिस का कहना है कि जनपद में सुरक्षित यातायात व्यवस्था स्थापित करने तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से ऐसे विशेष चेकिंग अभियान भविष्य में भी नियमित रूप से संचालित किए जाएंगे।
