बीसलपुर। तहसील बीसलपुर सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों से पहुंचे फरियादियों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने एक-एक शिकायत को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 45 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 5 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष 40 शिकायतों को आवश्यक कार्रवाई एवं समयबद्ध समाधान के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंप दिया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि आमजन अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर समाधान दिवस में पहुंचते हैं। यदि उन्हें स्थानीय स्तर पर समय से न्याय नहीं मिलता तो उन्हें अपनी शिकायत लेकर उच्च स्तर तक जाना पड़ता है। ऐसी स्थिति प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।उन्होंने विशेष रूप से उपजिलाधिकारी नागेंद्र पांडेय को निर्देशित किया कि छोटे-छोटे विवादों और लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर तत्काल निस्तारण कराया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें समय पर न्याय मिल सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक अधिकारी का दायित्व है कि वह जनता की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुने और उनका गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करे। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान विभिन्न विभागों के जिला एवं तहसील स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे और अपने-अपने विभागों से संबंधित शिकायतों को प्राप्त कर उनके शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण का आश्वासन दिया।
