बलिया। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मरीजों के उपचार को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को विकास भवन सभागार में पोषण पोटली वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने 50 टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित कर नियमित दवा, संतुलित आहार और समय पर उपचार अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के भीतर जिले के 1700 टीबी मरीजों तक पोषण पोटली पहुंचाई जाएगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कहा कि टीबी पूरी तरह से उपचार योग्य बीमारी है। इससे डरने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि समय पर जांच और नियमित दवा लेने से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं। उन्होंने मरीजों से चिकित्सकों की सलाह का पालन करने और पौष्टिक आहार लेने की अपील की।
पोषण पोटली में राजमा, भुना चना, गुड़, चने का सत्तू तथा प्रोटीनेक्स पाउडर जैसी प्रोटीन युक्त खाद्य सामग्री शामिल की गई। जिलाधिकारी ने मरीजों को प्रोटीनेक्स के सही उपयोग की जानकारी देते हुए कहा कि संतुलित पोषण रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और उपचार को अधिक प्रभावी बनाता है।
उन्होंने बताया कि जिले में 1700 टीबी मरीजों को पोषण पोटली उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे एक सप्ताह के भीतर पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर मरीजों की पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित कर रही हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान में बलिया ने प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। अभियान के दौरान विकासखंड हनुमानगंज एवं शहरी क्षेत्र में सर्वाधिक टीबी मरीज चिन्हित किए गए, जबकि जिले के 592 हाई-रिस्क गांवों में हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनों के माध्यम से स्क्रीनिंग कर लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार, जिला विकास अधिकारी आनंद प्रकाश सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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