जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ एक्शन! शोपियां में चौथे दिन लश्कर के 2 आतंकियों को खोज रही आर्मी
July 06, 2026
दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकवाद विरोधी संयुक्त तलाशी अभियान लगातार चौथे दिन भी जारी है. सुरक्षाबल प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के दो स्थानीय आतंकियों की तलाश में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं. यह अभियान जिले के मीमंदर और चनापोरा इलाके के घने सेब के बागों में केंद्रित है, जहां दोनों आतंकियों के छिपे होने की आशंका है.
यह अभियान तब शुरू किया गया था, जब शुक्रवार को सुरक्षा व्यवस्था में लगे फेस डिटेक्शन कैमरों ने दोनों संदिग्ध आतंकियों की तस्वीरें कैद की थीं. इसके बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया.
सुरक्षाबलों ने रात के समय अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया था. अधिकारियों के अनुसार, इसका मकसद आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकियों के भागने की संभावना को रोकना था. सोमवार सुबह एक बार फिर पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, दोनों आतंकियों की पहचान लतीफ और जाकिर के रूप में हुई है. बताया गया है कि जब सेना के जवान उनकी ओर बढ़ रहे थे, तब आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. इसके जवाब में जवानों ने भी प्रभावी कार्रवाई की, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई.
भारतीय सेना की स्पेशस विक्टर फोर्स ने ऑपरेशन को मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है. इलाके में घने पेड़ और गर्मियों के मौसम में फैली घनी हरियाली के कारण तलाशी अभियान बेहद सावधानी से चलाया जा रहा है. घनी वनस्पति ड्रोन और हवाई निगरानी को भी मुश्किल बना रही है, जिससे आतंकियों को छिपने और भागने के लिए प्राकृतिक आड़ मिल सकती है. सुरक्षा रिकॉर्ड के मुताबिक, लतीफ और जाकिर दोनों दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के रहने वाले हैं. जाकिर वर्ष 2024 से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा बताया जा रहा है, जबकि लतीफ पिछले वर्ष इस आतंकी संगठन में शामिल हुआ था.
अधिकारियों का कहना है कि शोपियां लंबे समय से दक्षिण कश्मीर को मध्य कश्मीर और पीर पंजाल क्षेत्र से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण रास्ता रहा है, इसलिए इस इलाके में आतंकियों की मौजूदगी सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है. सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि हाल के समय में आतंकवादी हमलों में विदेशी आतंकियों की भूमिका बढ़ी है, लेकिन लतीफ और जाकिर जैसे स्थानीय आतंकियों को पकड़ना या निष्क्रिय करना भी बेहद जरूरी है. इससे आतंकियों के स्थानीय नेटवर्क को कमजोर करने और नई भर्ती की प्रक्रिया पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.
