टीईटी पास शिक्षामित्रों को सीधे और नॉन-टीईटी को विभागीय टीईटी के बाद अध्यापक बनाने की मांग
पीलीभीत। आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन (उत्तर प्रदेश) ने प्रदेश के शिक्षामित्रों को अध्यापक का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन प्रेषित किया है। यह ज्ञापन गन्ना राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार के माध्यम से भेजा गया। संगठन का कहना है कि प्रदेश के हजारों शिक्षामित्र पिछले करीब 26 वर्षों से बेसिक शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें अध्यापक का दर्जा नहीं मिल सका है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि टीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को बिना किसी अतिरिक्त प्रक्रिया के सीधे अध्यापक बनाया जाए। वहीं, नॉन-टीईटी शिक्षामित्रों के लिए विभागीय टीईटी आयोजित कर उन्हें भी अध्यापक बनने का अवसर दिया जाए। संगठन का कहना है कि शिक्षामित्र और सहायक अध्यापक एक ही विद्यालय में समान शैक्षणिक कार्य करते हैं, इसलिए दोनों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए।एसोसिएशन ने कहा कि यदि सहायक अध्यापकों को टीईटी से छूट दी जा सकती है तो नॉन-टीईटी शिक्षामित्रों को भी समान अवसर दिया जाए। यदि विभाग आवश्यक समझे तो उनके लिए अलग से विभागीय टीईटी आयोजित कर उन्हें नियमित अध्यापक बनाया जाए। साथ ही सुपर टीईटी जैसी अतिरिक्त परीक्षा कराने के बजाय शिक्षामित्रों का सीधे समायोजन किए जाने की मांग भी उठाई गई।ज्ञापन में नई शिक्षा नीति-2020 का हवाला देते हुए कहा गया कि शिक्षामित्रों को मानदेय के स्थान पर नियमित वेतनमान दिया जाए तथा उन्हें अन्य अध्यापकों की तरह 62 वर्ष की आयु तक सेवा करने का अवसर प्रदान किया जाए। संगठन का कहना है कि वर्ष 2001 से कार्यरत कई शिक्षामित्र अब सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके हैं, इसलिए उनके लंबे अनुभव और योगदान को देखते हुए उनके अध्यापक बनने के सपने को साकार किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राम सिंह राठौर, जिला महामंत्री विनय पाण्डेय, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरप्रसाद राठौर सहित आशा रानी, दुर्गा प्रसाद, अशोक कुमार, शिवकुमार शर्मा, ममता कश्यप, सुशीला राठौर, भगवान देवी, देवव्रत, दीपप्रकाश वर्मा, बाबूराम, राकेश सिंह, कमलेश मिश्रा, शकील अहमद तथा अन्य शिक्षामित्रों ने ज्ञापन का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। संगठन ने विश्वास जताया कि सरकार शिक्षामित्रों की वर्षों पुरानी मांग पर संवेदनशीलता से विचार करेगी।
