अत्याधुनिक सुविधा; 5,000 रोज़गार और 50 से अधिक MSMEs को मिलेगा सीधा लाभ
विशेष संवाददाता
शिवपुरी! मध्य प्रदेश के औद्योगिक और रक्षा विनिर्माण इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। जिले में दक्षिण एशिया के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के मिसाइल इकोसिस्टम की आधारशिला रखी गई। यह ऐतिहासिक सुविधा पहली बार निजी क्षेत्र में कच्चे माल (रॉ मटेरियल) के प्रसंस्करण से लेकर मिशन के लिए पूरी तरह तैयार मिसाइलों के निर्माण तक का पूरा काम एक ही छत के नीचे करेगी।
इस ऐतिहासिक अवसर पर अदाणी समूह के प्रतिनिधि श्री जीत अदाणी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की गरिमामयी उपस्थिति में राज्य के विकास और आत्मनिर्भरता को लेकर समूह के बड़े रोडमैप को साझा किया।
मध्य प्रदेश के भविष्य में बड़ा निवेश
समारोह को संबोधित करते हुए जीत अदाणी ने कहा, "मध्य प्रदेश में इस रणनीतिक क्षमता को लाना हमारे लिए बेहद गर्व की बात है। आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मजबूत नेतृत्व और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सतत सहयोग से मध्य प्रदेश देश की सबसे तेज़ गति से बढ़ती विकास गाथाओं में शामिल हो चुका है। अदाणी समूह इस प्रगति के सफर में एक समर्पित साझेदार है।"
उन्होंने पिछले साल भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में समूह के चेयरमैन श्री गौतम अदाणी द्वारा किए गए 1,10,000 करोड़ रुपए के निवेश के वादे को दोहराया। इस महा-निवेश के जरिए वर्ष 2030 तक राज्य में 1,20,000 रोज़गार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य है, जिसकी दिशा में आज का यह कदम एक बड़ा मील का पत्थर है।
शिवपुरी में एकीकृत मिसाइल इकोसिस्टम की खूबियाँ:
- निवेश और रोज़गार: अगले तीन वर्षों में 2,500 करोड़ रुपए के निवेश से यह अत्याधुनिक सुविधा तैयार होगी, जिससे 5,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार पैदा होंगे।
- सप्लाई चेन का विस्तार: इस विशेष डिफेंस सप्लाई चेन से 50 से अधिक MSMEs (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) जुड़ेंगे, जिससे स्थानीय व्यापार को नई गति मिलेगी।
- पूर्ण स्वदेशी उत्पादन: यहाँ केवल मिसाइलों की असेंबली ही नहीं होगी, बल्कि कंपोजिट प्रोपेलेंट के साथ-साथ टीएनटी (TNT) और विस्फोटक ग्रेड सामग्री का उत्पादन भी किया जाएगा।
रक्षा में आत्मनिर्भरता: यह कॉम्प्लेक्स मध्यम से लंबी दूरी की मिसाइल प्रणालियों का निर्माण कर रक्षा क्षेत्र में विदेशी निर्भरता को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में काम करेगा।
ग्वालियर-शिवपुरी बनेंगे रक्षा नवाचार के जुड़वां केंद्र
रिपोर्ट के अनुसार, ग्वालियर पहले से ही रक्षा निर्माण का एक बड़ा केंद्र बन चुका है, जहां लाइट मशीन गन (LMG), असॉल्ट राइफल और कार्बाइन की पूरी रेंज बनाई जा रही है। समूह ने तय समय से 11 महीने पहले ही सशस्त्र बलों को 2,000 एलएमजी यूनिट सौंप कर अपनी प्रतिबद्धता साबित की है। अब शिवपुरी इस सफर का अगला पड़ाव है। ग्वालियर और शिवपुरी मिलकर मध्य प्रदेश को रक्षा नवाचार (Defense Innovation) के दो सबसे मजबूत केंद्रों के रूप में स्थापित करेंगे।
राज्य में अदाणी समूह के अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स पर एक नज़र:
- ऊर्जा क्षेत्र: अदाणी पावर वर्तमान में राज्य को 1,200 मेगावाट बिजली की आपूर्ति कर रहा है, जबकि 5,600 मेगावाट की अतिरिक्त क्षमता विस्तार पर काम जारी है।
- हरित ऊर्जा: लाहौरी, धार, रतलाम और उज्जैन में पवन ऊर्जा (Wind Energy) परियोजनाएं सफलतापूर्वक शुरू हो चुकी हैं।
- औद्योगिक विस्तार: कटनी जिले के अमेथा और काइमोर प्लांट्स में 4,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जा चुका है। हाल ही में गुना में 1,060 करोड़ रुपए की लागत वाली सीमेंट यूनिट की आधारशिला रखी गई है, और जल्द ही उज्जैन में भी एक नए सीमेंट प्लांट की नींव रखी जाएगी।
यह परियोजना न केवल मध्य प्रदेश को देश के औद्योगिक मानचित्र पर शीर्ष पर ले जाएगी, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण के सपने को भी मजबूती से साकार करेगी।

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