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पीलीभीतः 236 जोड़ों ने थामा जीवनभर का साथ, स्वामी प्रवक्तानंद बोले बेटी दो परिवारों को जोड़ने वाली सबसे मजबूत कड़ी


  • मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 236 जोड़ों का विवाह सम्पन्न
  • नवदंपतियों को दिए संस्कार, रिश्तों में प्रेम, सम्मान और समर्पण बनाए रखने का संदेश

पीलीभीत। नवीन मंडी समिति परिसर शुक्रवार को वैवाहिक उल्लास, भारतीय परंपराओं और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम बन गया। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के 236 जोड़ों ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लेकर नए जीवन की शुरुआत की। शहनाई की मधुर धुन, वैदिक मंत्रोच्चार और मंगल गीतों के बीच संपन्न हुए इस आयोजन में नवविवाहित जोड़ों के साथ उनके परिजनों की खुशियां भी देखते ही बन रही थीं। समारोह में बरखेड़ा विधायक एवं महामंडलेश्वर स्वामी प्रवक्तानंद महाराज पूरे समय मौजूद रहे। उन्होंने सभी नवदंपतियों को आशीर्वाद एवं उपहार भेंट कर सुखी, समृद्ध और संस्कारयुक्त दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं। योजना के तहत पंजीकृत 260 जोड़ों में से 236 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ, जिनमें 35 अल्पसंख्यक समुदाय के जोड़े भी शामिल रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्र, ब्लॉक प्रमुख सभ्यता वर्मा, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रोशनी यादव, नगर मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर, जिला समाज कल्याण अधिकारी चन्द्रमोहन विश्नोई समेत अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

अपने संबोधन में स्वामी प्रवक्तानंद महाराज ने कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं बल्कि दो परिवारों, दो संस्कृतियों और दो जीवन मूल्यों का पवित्र मिलन है। उन्होंने कहा कि दांपत्य जीवन विश्वास, प्रेम, त्याग और सम्मान की मजबूत नींव पर टिकता है। जहां अहंकार प्रवेश करता है, वहां रिश्तों में दूरियां बढ़ने लगती हैं।

उन्होंने बेटियों के त्याग का उल्लेख करते हुए कहा कि एक बेटी अपने माता-पिता, भाई-बहनों और पूरे परिवार को छोड़कर नए घर में जीवन की नई शुरुआत करती है। यही कारण है कि भारतीय संस्कृति में बेटी को त्याग की प्रतिमूर्ति और मां लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। उन्होंने कहा कि बेटियां दो परिवारों को जोड़ने का कार्य करती हैं और उनके संस्कार पूरे परिवार की पहचान बनते हैं।

स्वामी प्रवक्तानंद ने नववधुओं से ससुराल को अपना परिवार मानकर माता-पिता समान सास-ससुर का सम्मान करने का आह्वान किया। वहीं नवविवाहित युवकों से कहा कि पत्नी अपने पूरे जीवन का विश्वास लेकर नए घर आती है, इसलिए उसका सम्मान, सुरक्षा और आत्मसम्मान बनाए रखना पति का पहला कर्तव्य है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के सम्मानजनक विवाह का माध्यम बनी है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने नवदंपतियों को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, स्वयं सहायता समूहों और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। समारोह के दौरान स्वामी प्रवक्तानंद महाराज का भावनात्मक संबोधन सुनकर कई नवविवाहित जोड़े और उनके परिजन भावुक हो गए। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि प्रेम, विश्वास, धैर्य और समर्पण से ही परिवार मजबूत बनते हैं और यही मजबूत परिवार एक सशक्त समाज की नींव होते हैं।

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