लखनऊ राजधानी के ताजमहल होटल में आयोजित श्7वें उत्तर प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर लीडरशिप समिट एवं अवॉर्ड्स 2026श् में मंत्रियों, वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों और उद्योग विशेषज्ञों ने यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम में पर्यटन, परिवहन, ऊर्जा, स्वास्थ्य, रियल एस्टेट और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार रखे गए।
मजबूत परिवहन आर्थिक प्रगति की रीढ़! परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि प्रदेश में आधुनिक बस टर्मिनल, इलेक्ट्रिक बसें और डिजिटल सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जो निवेश और पर्यटन को गति दे रही हैं।
यूपी सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य!’ औद्योगिक विकास राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी ने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम और बेहतर कानून-व्यवस्था के दम पर डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक हब तेजी से विकसित हो रहे हैं।
पर्यटन बना विकास का बड़ा इंजन! पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमृत अभिजात ने कहा कि अयोध्या, काशी, मथुरा और महाकुंभ जैसे वैश्विक केंद्रों में बुनियादी ढांचे के विकास से रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों मिल रही हैं।
राज्यसभा सांसद संजय सेठ ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (च्च्च्) को विकास का मुख्य माध्यम बताया। वहीं साइबर विशेषज्ञ संजय टार्डे ने महाकुंभ के सफल भीड़ प्रबंधन का उदाहरण देते हुए स्मार्ट सिटी और ई-गवर्नेंस में साइबर सुरक्षा को अनिवार्य बताया।
स्वास्थ्य और ऊर्जा पर जोर। अपर मुख्य सचिव डॉ. अमित कुमार घोष ने मेडिकल कॉलेजों व टेलीमेडिसिन के विस्तार को मानव संसाधन के लिए जरूरी बताया, जबकि उद्योगपति विनम्र अग्रवाल ने विश्वसनीय बिजली आपूर्ति और स्मार्ट ग्रिड पर बल दिया।
समिट के अंत में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले संस्थानों को ’श्इंफ्रास्ट्रक्चर लीडरशिप अवॉर्ड्स 2026 से सम्मानित किया गया।
